भगत सिंह को पाक ने संजोया, हम गंवा रहे हैं!
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भगत सिंह को सरकारी कागजों में शहीद का दर्जा देने को लेकर हमारे देश में अब तक स्थिति साफ नहीं है, लेकिन पाकिस्तान उनकी हर चीज को संजोकर उनको अपना बना रहा है।
पाक ने उनकी जयंती पर फांसी देने वाली जगह (फव्वारा चौक) का नामकरण भगत सिंह पर किया और अब शहीदी दिवस (23 मार्च) से पहले आठ करोड़ रुपये खर्च कर उनके जन्म स्थान और स्कूल को धरोहर के रूप में संजोने जा रहा है।
देशद्रोह के आरोप में मिलेगी मुक्ति
पाक सरकार फैसलाबाद के उनके घर को पर्यटक स्थल बनाने के साथ उसे यूनेस्को की धरोहर सूची में भी शामिल कराना चाहती है।
फैसलाबाद के डीसीओ के मुताबिक भगत सिंह का जन्म भारत के लायलपुर जिले चक्क नंबर 105 बंगा गांव के जिस घर में हुआ था, उसको लेने वाले इकबाल विर्क ने उसके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखा है।
एक पाक नागरिक ने याचिका में उस केस को फिर से खोलने की अनुमति मांगी जिसमें भगत सिंह को फांसी की सजा सुनाई थी। ये केस उन्हें देशद्रोह के आरोप से बेगुनाह साबित करेगा।
भारत ने की अनदेखी
•जहां फांसी दी गई वहां का नाम भगत सिंह के नाम पर
•जन्म स्थान और स्कूल बनेंगे धरोहर
•देशद्रोह के मामले पर फिर खुलेगी मुकदमे की फाइल
भारत सरकार की अनदेखी
•भगत सिंह को शहीद का दर्जा देने का रिकार्ड ही नहीं
•बस जयंती और शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि की रस्म
•शहीद से जुड़ी ज्यादातर यादें अभी भी पड़ी हैं वीरान