सांडर्स हत्याकांड: FIR में भगत सिंह का नाम नहीं
ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन पी सांडर्स की हत्या के मामले में दर्ज प्राथमिकी में शहीद-ए-आजम भगत सिंह का नाम शामिल नहीं है। लाहौर पुलिस को इस मामले से संबंधित दस्तावेजों की खोज में यह पता चला है। 1928 में सांडर्स की हत्या की गई थी।
भगत सिंह का नाम नहीं होने के बाद इस मामले में उनके निर्दोष साबित होने की संभावना बढ़ गई है। सांडर्स की हत्या के लिए भगत सिंह को 83 साल पहले लाहौर के शादमन चौक पर फांसी दे दी गई थी। तब उनकी उम्र महज 23 साल थी।
संबंधित दस्तावेज से मिले संकेत
भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन इम्तियाज राशिद ने याचिका दायर कर सांडर्स की हत्या के मामले में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की प्रमाणित कापी की मांग की।
लाहौर पुलिस ने अनारकली पुलिस स्टेशन के दस्तावेजों की खोज के बाद प्राथमिकी प्राप्त कर ली है। 17 दिसंबर, 1928 को यह प्राथमिकी दो अज्ञात बंदूकधारियों के खिलाफ उर्दू में दर्ज की गई थी।