फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Bhagat Singh and Azaad is terrorist!

'आतंकवादी हैं भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद!'

Mon, 17 Feb 2014 02:59 PM IST
Updated Mon, 17 Feb 2014 02:59 PM IST
विज्ञापन
Bhagat Singh and Azaad is terrorist!

ब्रिटिश इतिहासकार ने विवादास्पद बयान देते हुए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद को आतंकवादी करार दिया है। सूरत में 24वें आईपी देसाई मेमोरियल में आयोजित ‘नॉनवायलेंट रेसिस्टेंस इन इंडिया ड्यूरिंग 1915-1947’ के दौरान दिए इस बयान पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। इस पर हार्डिमन ने कहा कि उन्होंने इन शब्दों का इस्तेमाल अपमानजनक संदर्भ में नहीं किया है।

विज्ञापन


वॉरविक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड हार्डिमन ने कहा कि महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन के साथ-साथ आतंकी समूह भी सक्रिय थे। ये समूह गांधी के आंदोलन से पहले भी थे।
विज्ञापन


कुछ प्रसिद्ध आतंकियों में से भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद एक थे। ये हिंदुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन (एचआरए) और हिंदुस्तान रिपब्लिक सोशलिस्ट एसोसिएशन (एचआरएसए) जैसे संगठनों के जरिए सक्रिय थे। हार्डिमन ने कहा कि गांधी के आंदोलन को इन हिंसक आंदोलनों से फायदा पहुंचा।

विज्ञापन
विज्ञापन

आखिर देनी पड़ी सफाई

Bhagat Singh and Azaad is terrorist!
ब्रिटिश इतिहासकार ने कहा कि हर अहिंसक आंदोलन के साथ हिंसक समूह भी होते थे जिसका उद्देश्य भी समान ही होता था। ये समूह अकसर बम धमाकों, गोलीबारी और हत्याओं जैसे आतंकी कामों को अंजाम देते थे। इससे अहिंसक आंदोलनों को फायदा होता था क्योंकि प्रशासन को खतरनाक आतंकियों की तुलना में अहिंसक समूहों से समझौता करना बेहतर लगता था।

बयान पर विरोध बढ़ता देख हार्डिमन को सफाई देनी पड़ी। वीर नारमाद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी की एक्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य मेजर उन्मेश पांड्या और अन्य ने लेक्चर के दौरान खड़े होकर इसका विरोध किया।

उन्होंने कहा कि ब्रिटिश इतिहासकार ने लेक्चर में क्रांतिकारियों के लिए करीब आठ बार आतंकवादी शब्द का इस्तेमाल किया। दुनिया भर के शिक्षाविदों के बीच इस पर आमराय है कि जिन्होंने निर्दोष आम नागरिकों की हत्या नहीं की है, उनके लिए आतंकवादी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों को क्रांतिकारी या अतिवादी कहा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed