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नमाजियों ने ली बेटियों के हक में शपथ
अमर उजाला/इलाहाबाद
Updated Sat, 18 Jan 2014 05:59 PM IST
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'अमर उजाला' के महाअभियान 'बेटी ही बचाएगी' को इमामों ने भी सलाम किया है।
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शिया जामा मस्जिद चक और रोशनबाग स्थित मस्जिद वसीउल्लाह में जुमे की खास नमाज के बाद इमाम जुमा सहित तमाम नमाजियों ने बेटी के हक में शपथ ली और बेटी को बराबर मानने, बेटी को घर, परिवार और समाज में बराबरी का दर्जा देने के साथ दूसरों को भी ऐसा ही करने के लिए जागरूक करने का संकल्प व्यक्त किया।
'अमर उजाला' की मुहिम की तारीफ करते हुए उन्होंने इसे पूरे हौसले से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
खुत्बे के दौरान शिया जामा मस्जिद चक के इमाम जुमा व जमात मौलाना सैयद हसन रजा ने कहा, रसूल ने बेटी को इज्जत बख्शी थी। उनके आने पर वह उठकर खड़े हो जाते और पेशानी का बोसा देते थे। बेटी इज्जत-आबरू होती है।
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रसूल की हदीस के मुताबिक, जिसने एक बेटी की परवरिश की, वह जहन्नुम की आग से बच जाएगा, जिसने दो बेटियों की परवरिश की, उस पर जन्नत वाजिब है और जिसने तीन बेटियों की परवरिश की, उससे जेहाद का हुक्म उठा लिया जाएगा। जफर अब्बास ने कहा, बेटी बचाना, नस्ल बचाना है।
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इसी तरह दूसरी हदीस कहती है, बाजार जाकर बच्चों के लिए तोहफेलाओ और घर पहुंचने पर सबसे पहले बेटी को दो, जिसने बेटी को खुश किया, उसने एक गुलाम को आजाद करने का सबाब हासिल किया। बाद नमाज बेटियों के हक में जफर अब्बास, कर्रार हुसैन, मेहंदी चक, मंजर कर्रार, अख्तर हुसैन, सैयद अजादार हुसैन, मोनू रानीमंडी, मसूद अब्बास, ताशू अल्वी सहित बड़ी संख्या में नमाजियों ने बेटी के हक में शपथ ली।
वहीं रोशनबाग स्थित मस्जिद वसीउल्लाह में इमाम मौलाना इरफान अहमद, सचिव और कौमी काउंसिल बराए फरोग उर्दू ज़बान के संयोजक डॉ. अहमद मकीन सहित तमाम नमाजियों ने 'अमर उजाला' की मुहिम की तारीफ की। बकौल इमाम, रसूल ने बेटियों के हक को तरजीह और इज्जत दी थी।
उन्होंने बेटियों की परवरिश और उनकी तालीम पर खासा जोर दिया था। बाद नमाज मुहम्मद अमीन, मुफ्ती जियाउद्दीन फातमी, हाफिज मुहम्मद सरताज सहित बड़ी संख्या में नमाजियों ने बेटियों के हक में शपथ ली।