बेनी की बेलगाम बोली, हमला राहुल पर
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अक्सर अपनी तीखी जुबां से मोदी और मुलायम पर शब्दबाण छोड़ने वाले केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने इस बार अपनी ही पार्टी को निशाने पर लिया है।
बेनी ने परोक्ष रूप से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के टिकट बंटवारे के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि टिकटों को नीलाम नहीं किया जाता। बेनी ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा सीटों को लेकर राहुल गांधी के लिए फैसलों पर सीधे सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा कि प्राइमरी सिस्टम से प्रत्याशी तय नहीं होना चाहिए। वह राहुल गांधी का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि लोकसभा का टिकट नीलामी के जरिए नहीं तय होना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने खासतौर पर अंबेडकर नगर और संत कबीर नगर जिले उल्लेख किया।
कांग्रेस नहीं कर पा रही पूरा इस्तेमाल: बेनी
बेनी प्रसाद वर्मा ने पार्टी हाई कमान पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी उनका पूरा इस्तेमाल नहीं कर रही है। वर्मा ने कहा कि कांग्रेस बड़ी पार्टी है और इसमें बडे़-बडे़ खिलाड़ी हैं। दुर्भाग्य है कि कांग्रेस मेरा पूरा इस्तेमाल नहीं कर पा रही है।
कांग्रेस को सलाह देते हुए बेनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश्ा में इससे अच्छा मौका कभी नहीं मिलेगा, क्योंकि मुसलमान इस बार केवल कांग्रेस को वोट देना चाहता है। बेनी ने इशारों-इशारों में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आगामी 28 फरवरी को राहुल गांधी की उनके गृह जिले बाराबंकी और फैजाबाद में होने वाली पदयात्रा में उनका मौजूद रहना जरूरी नहीं है।
दरअसल बाराबंकी से अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष पी एल पुनिया और फैजाबाद से डॉ निर्मल खत्री सांसद हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार इन दोनों से वर्मा का राजनीतिक संबंध बेहतर नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में भी कोई नहीं मानता था कि कांग्रेस को 22 सीटें मिल जायेंगी। उनका दावा है कि इस बार भी चौंकाने वाले परिणाम आएंगे।
'AMU के छात्र बधाई के पात्र'
बेनी प्रसाद वर्मा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में मुलायम पर सीधा हमला करते हुए कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वे छात्र बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव का बहिष्कार किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता नरेन्द्र मोदी और मुलायम सिंह यादव मिलकर प्रदेश की जनता को मूर्ख बनाना चाहते हैं। वर्मा ने यहां तक कहा कि एक ही दिन रैली रखकर यादव बताना चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी से ही उनका सीधा मुकाबला है।
इसके पीछे दोनों की साजिश है कि हिन्दू मत भाजपा में चला जाए और मुस्लिम सपा को समर्थन दे दें। बेनी बोले कि यादव की कथनी और करनी में काफी फर्क है। उन्होंने दावा किया कि मुसलमानों की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था दाल उलूम नदवा से उनको बुलावा आया है।
मोदी, मुलायम और केजरीवाल तीनों ढपोरशंख
केजरीवाल के पास झूठ बोलने के अलावा कुछ नहीं है। पहले कहते थे कि न समर्थन देंगे और न ही लेंगे लेकिन कांग्रेस से समर्थन लेकर मुख्यमंत्री बन गये। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को गम्भीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।