IAS की संदिग्ध मौत पर गरमाई सियासत
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कर्नाटक में आईएएस अधिकारी डीके रवि की संदेहास्पद स्थिति में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर सियासत गरमाने लगी है।
कर्नाटक विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को उठाया। भाजपा ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।
कांग्रेस ने इस घटना को दुखद करार देते हुए मामले की जांच की बात कही है। मनीष तिवारी ने राज्य सरकार से इस पर जांच के बाद जल्द से जल्द कार्रवाई की बात कही है।
आम आदमी पार्टी ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है। 'आप' नेता आशुतोष ने कहा कि जिस तरह से उन्होंने जमीन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की उससे ही उनकी मौत का मामला बेहद गंभीर हो जाता है। उन्होंने भी इसकी जल्द से जल्द जांच की बात कही है।
भाजपा ने की सीबीआई जांच की मांग
सियासी गलियारे में जहां इस मुद्दे पर हंगामा देखने को मिल रहा है वहीं दूसरी ओर कोलार में सामाजिक संगठनों और स्थानीय संस्थाओं ने बंद का आह्वान किया।
आईएएस अधिकारी डीके रवि वाणिज्यिक कर विभाग में संयुक्त आयुक्त के पद पर तैनात थे। जिनकी सोमवार को बंगलुरू स्थित कोरामंगला स्थित अपार्टमेंट में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 36 वर्षीय रवि 2009 बैच के आईएएस अधिकारी थे।
आईएएस रवि के बारे में बताया जाता है कि उन्होंने अपनी नौकरी के शुरुआती दिनों में कर्नाटक के कोलार में डिप्टी कमिश्नर के पद रहते हुए काफी अच्छा काम किया था। जिससे वो यहां के लोगों के बीच लोकप्रिय हो गए थे। उन्हें बेहद ईमानदार अधिकारी माना जाता था।
फिलहाल सीबीआई जांच नहीं: सिद्दारमैया
रवि के बारे में बताया जाता है कि कोलार में उन्होंने टैक्स चोरी से संबंधित मामले में कई ठिकानों पर छापे मारे की थी। लेकिन सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में उनका शव उनके घर से मिला। फिलहाल उनकी मौत की असल वजह क्या है ये तो जांच के बाद ही साफ होगा।
वहीं इस मुद्दे पर बंगलुरू पुलिस तफ्तीश में जुट गई है। शुरूआती जांच में पुलिस को मामला आत्महत्या का लग रहा है। फिर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए बंगलुरू पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में एक टीम का गठन जांच के लिए किया गया है।
दूसरी ओर सियासी दलों के सीबीआई जांच की मांग के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कहा है कि पुलिस इस मामले की जांच करने में सक्षम है। शुरूआती तफ्तीश में मामला आत्महत्या का लग रहा है। अगर जरूरत हुई तो मामले को सीआईडी या फिर सीबीआई के पास भेजा जाएगा।