{"_id":"38d561faaa4639c1c1dc90f62ed28d80","slug":"bengaluru-newspaper-boy-gets-mba-from-iim-hindi-news-sy","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिसाल-बेमिसाल: अखबार बेचने वाला बन गया डिप्टी कंट्री मैनजर","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
मिसाल-बेमिसाल: अखबार बेचने वाला बन गया डिप्टी कंट्री मैनजर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 18 Mar 2015 05:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक समय में जो लड़का अखबार बेचकर अपनी पढ़ाई के लिए पैसे इकट्ठा करता था। अब वो आईआईएम से पढ़ाई कर एक विदेशी कंपनी में बड़े पद पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
आज उस लड़के को जर्मनी की एक बड़ी कंपनी ने श्रीलंका में डिप्टी कंट्री मैनेजर के पद पर नौकरी दी है।
एक रोज जब कृष्ण वेदाव्यसा सुबह बानास्वादी में पेपर खरीदने के लिए गए। तो एक पेपर डालने वाले लड़के ने उनसे अपनी स्कूल की फीस देने के लिए 15,000 रुपए मांगे। कृष्ण वेदाव्यसा इसके बाद उस लड़के के शिक्षक से मिले और फिर उन्होंने लड़के की पढ़ाई की तरफ बढ़ती गंभीरता को देखते हुए पैसे देने पर सहमत हो गए।
विज्ञापन
द हिंदू की खबर के मुताबिक वो लड़का जिसका नाम शिवकुमार एन था ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। फिर आईआईएम में दाखिला लिया और आज श्रीलंका में एक विदेशी का डिप्टी कंट्री मैनेजर बन चुका है। शिवकुमार जिस समय पैसे की मदद मंगाने के लिए वेदाव्यसा के पास गया था, उस समय वो क्लॉस आठ में था।
विज्ञापन
वेदाव्यसा ने बताया कि उस समय शिवकुमार ने बताया था कि वह सिर्फ अखबार ही नहीं बेचता है। बल्कि फूल बेचता है। कारों को साफ करता है। एक कार शोरूम में सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के रूप में भी काम कर चुका है। एक समय में जब वो अपनी पढ़ाई में टॉप कर रहा था। ठीक उसी समय वो 500 ग्राहकों को अखबार भी बेचता था।
शिवकुमार सुबह चार बजे उठकर लोगों तक अखबार पहुंचाने का काम शुरू करते थे। शिवकुमार ने मारूथी विद्यालय से पढ़ाई की। इसके बाद बेंगलुरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद कैट की परीक्षा निकालने के बाद आईआईएम कोलकत्ता में प्रवेश लिया।