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ममता सरकार से इस्तीफा देंगे कांग्रेस के छह मंत्री

Sat, 22 Sep 2012 10:24 AM IST
रीता तिवारी/कोलकाता
रीता तिवारी/कोलकाता Updated Sat, 22 Sep 2012 10:24 AM IST
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bengal congress ministers to resign today
यूपीए सरकार से तृणमूल कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के बाद शुक्रवार को फोकस भले कोलकाता से दिल्ली शिफ्ट हो गया हो, लेकिन कोलकाता में भी सियासी सरगर्मी तेज है। यहां तृणमूल कांग्रेस और बंगाल कांग्रेस आमने-सामने हैं।
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तृणमूल के केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे के बाद अब पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल में कांग्रेस के छह मंत्रियों का इस्तीफा महज एक औपचारिकता ही है। कांग्रेस के मंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात कर यह औपचारिकता भी पूरी कर देंगे।
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तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एक जनसभा में अपने तीखे तेवरों का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई आम लोगों के हितों की लड़ाई है। खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश का तृणमूल शुरू से विरोध करती रही है। केंद्र के जनविरोधी फैसलों को हम कबूल नहीं कर सकते। यही वजह है कि हमने यूपीए से नाता तोड़ लिया है।
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ममता ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी पश्चिम बंगाल में सड़कों पर उतरेगी। इसके अलावा दिल्ली में धरना और प्रदर्शन भी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विदेशी निवेश पर सरकार की ओर से हड़बड़ी में जारी अधिसूचना की वैधानिकता पर भी सवाल उठाया।

ममता ने कहा, अल्पमत में आई यूपीए सरकार की ओर से ऐसी अधिसूचना जारी करना अनैतिक और गैर-लोकतांत्रिक है। तृणमूल के समर्थन वापसी के एलान के बाद ही सरकार अल्पमत में आ गई। ऐसे में वह देशहित से जुड़े किसी ऐसे मुद्दे पर अधिसूचना कैसे जारी कर सकती है।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कांग्रेस आलाकमान से सलाह-मशविरे के बाद पार्टी के चारों मंत्रियों ने शनिवार को इस्तीफा देने का फैसला किया है। सुबह साढ़े ग्यारह बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बैठक के बाद यह मंत्री राइटर्स बिल्डिंग जाकर मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देंगे।


भट्टाचार्य ने कहा कि एफडीआई का विरोध कर तृणमूल ने राज्य के किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाया है। एफडीआई से छोटे कारोबारियों को नुकसान नहीं पहुंचेगा। उल्टे किसानों को उनके उत्पादों की वाजिब कीमत मिलती। कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी राज्य में कानून व व्यवस्था की गिरती स्थिति और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों के विरोध में आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि गठजोड़ टूटने की औपचारिक सूचना राज्यपाल एम.के. नारायणन को भी दे दी जाएगी।
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