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यूपी में अब नहीं होगी बीटीसी की पढ़ाई

Mon, 18 Aug 2014 01:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 18 Aug 2014 01:04 PM IST
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बीटीसी (बेसिक ट्रेनिंग कोर्स) की जगह अब बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजूकेशन (बीएलएड) का चार साल का नया कोर्स शुरू होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने शैक्षिक सत्र 2015-16 से बीटीसी की पढ़ाई खत्म करने को हरी झंडी दे दी है।

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साथ ही संबंधित शैक्षिक सत्र को जीरो करते हुए बीटीसी की जगह बीएलएड का नया कोर्स शुरू करने का ऐलान किया है।

अब शैक्षिक सत्र 2016-17 से बीएलएड कोर्स की पढ़ाई की जा सकेगी। इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाला कोई भी स्टूडेंट इस कोर्स में एडमिशन ले सकेगा। दो साल के बीटीसी कोर्स में एडमिशन की अर्हता ग्रेजुएशन थी।

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टीचर्स एजूकेशन में सुधार के लिए कमेटी

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टीचर्स एजूकेशन में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस जेएस वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने 166 पेज की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को दी, जिसमें सुधार की तमाम सिफारिशें की गईं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने एनसीटीई से फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित करके जस्टिस जेएस वर्मा कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने का आदेश दिया।

इसी आधार पर एनसीटीई ने डॉ. पूनम बत्रा की अध्यक्षता में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आ गई है। यह रिपोर्ट एनसीटीई की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

रिपोर्ट के मुताबिक बीटीसी की जगह बीएलएड का नया कोर्स लांच कर दिया गया है। इसकी मान्यता एनसीटीई से ही मिलेगी लेकिन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) से संबद्धता की व्यवस्था खत्म कर दी गई है।

राज्य विश्वविद्यालय से होगी बीएलएड की संबद्धता

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बीटीसी की संबद्धता डायट से होती थी लेकिन बीएलएड की संबद्धता संबंधित परिक्षेत्र के राज्य विश्वविद्यालय से होगी। नए कोर्स को फिजिकल एजूकेशन की फैकल्टी में रखा जाएगा। एनसीटीई से बीटीसी की 50 सीटों की मान्यता मिलती है लेकिन बीएलएड की 70 सीटों की मान्यता दी जाएगी।

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जो रिपोर्ट में क्वालिटी आफ एजूकेशन पर ज्यादा जोर दिया गया है। प्रिंसिपल डायट नर्वल डॉ. पीके ओझा ने बताया कि टीचर एजूकेशन से संबंधित एनसीटीई का कोई भी संशोधन पूरे देश में एक साथ लागू होता है।

इसका औपचारिक आदेश पहले शासन के पास आएगा, फिर डायट को दिशा-निर्देश मिलेंगे। बैचलर डिग्री यूनिवर्सिटी से मिलती है। यदि बीटीसी की जगह बीएलएड कोर्स शुरू हुआ तो उसकी संबद्धता यूनिवर्सिटी से होगी।

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