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भाजपा-शिवसेना के झगड़े के पीछे उद्धव ठाकरे का बेटा!

Mon, 22 Sep 2014 06:55 PM IST
Updated Mon, 22 Sep 2014 06:55 PM IST
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Maharashtra Assembly Elections: Aditya Thackrey's Mission 150, cause of BJP-Shivsena Dispute

महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना का गठबंधन टूटने के कगार पर है। दोनों दलों के नेताओं के दिलों में पड़ी दरार इतनी गहरी हो गई है कि अब उसका भर पाना नामुमकिन लग रहा है। सीट बंटवारे का झगड़ा किसी भी दिन 25 साल पुराने गठबंधन की बलि ले सकता है।

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दरअसल भाजपा महाराष्ट्र में 135 विधानसभा सीटों से कम पर चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है, जबकि शिवसेना उसे 119 सीटों से ज्यादा नहीं देने का फैसला कर चुकी है। शिवसेना खुद 151 सीटों पर लड़ने को अड़ी हुई है। राज्य में विधानसभा की 288 सीटें हैं।
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दोनों दलों के झगड़े की वजह शिवसेना का 'मिशन 150' है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यदि शिवसेना राज्य में 150 सीटों से कम पर लड़ती है तो मुख्यमंत्री पद पर अपने नेता को बैठाना मुश्किल हो जाएगा। 150 से अधिक सीटों पर लड़ने पर ही शिवसेना की इतनी सीटें आ पाएंगी कि वह मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी ठोंक सके।
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यही कारण है कि शिवसेना 'मिशन 150' से समझौता करने का तैयार नहीं है और ये मिशन दोनों दलों के गठबंधन को दुश्मन बन गया है। क्या आपको पता है कि शिवसेना का 'मिशन 150' उपज किसके दीमाग की है?

आदित्य ठाकरे को आगे कर रही शिवसेना

Maharashtra Assembly Elections: Aditya Thackrey's Mission 150, cause of BJP-Shivsena Dispute

दरअसल शिवसेना का 'मिशन 150' उद्घव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे के दीमाग की उपज है। दो महीने पूर्व शिवसेना की कॉनक्लेव में अ‌दित्य ठाकरे ने 'मिशन 150' का मसौदा पेश किया था। आदित्य का ये मिशन बिलकुल वैसा ही था जैसा लोकसभा चुनावों में भाजपा का 'मिशन 272'।

रविवार को शिवसेना की कार्यकारिणी की बैठक में एक बुकलेट भी बांटी गई, जिसमें पार्टी के 'मिशन 150' का खाका पेश किया गया था। पार्टी के एक सांसद ने बताया, '151 सीटों पर लड़ने की योजना एक सोची समझी रण‌नीति का नतीजा है।

पार्टी 151 सीटों पर लड़कर ही चुनावों के बाद राज्य में 'सिंगल लार्जेस्ट पार्टी' के रूप में उभर पाएगी और मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी कर पाएगी।' शिवसेना के सामने ये ‌रणनीति दो महीने पहले आदित्य ठाकरे ने ही रखी थी।

उद्घव भाजपा नेताओं को नहीं दे रहे भाव

Maharashtra Assembly Elections: Aditya Thackrey's Mission 150, cause of BJP-Shivsena Dispute

उस सांसद ने बताया कि शिवसेना का लक्ष्य मात्र गठबंधन बनाकर चुनाव जीतना ही नहीं है, बल्कि राज्य में उद्घव ठाकरे के नेतृत्व को स्‍थापित करने के ‌लिए भी संघर्ष कर रही है।

उन्होंने कहा कि ‌हमारा मकसद ये संदेश देना भी है कि बाल ठाकरे के राजन‌ीतिक विरासत संभालने के लिए उनका पोता आदित्य ठाकरे भी तैयार है।

उन्होंने बताया कि सीट बंटवारे पर भाजपा नेता ओपी माथुर से बात करने के ‌लिए अनुभवहीन आदित्य ठाकरे को भेजना शिवसेना की उसी रणनीति का हिस्‍सा था। हालांक‌ि भाजपा नेताओं ने बातचीत के ‌लिए आदित्य ठाकरे को आगे किए जाने पर नाराजगी जताई थी।

ऐसा नहीं केवल भाजपा नेताओं के आगे राजनीति के नौसिखिये आदित्य को आगे किया जा रहा है, शिवसेना प्रमुख्य उद्घव ठाकरे भी भाजपा नेताओं को रत्ती भर भाव नहीं दे रही हैं।

उद्घव का बयान, 'हम लेते नहीं बस देते हैं'

Maharashtra Assembly Elections: Aditya Thackrey's Mission 150, cause of BJP-Shivsena Dispute

उद्घव के रवैये की झलक शिवसेना की कार्यकारिणी की बैठक में भी दिखी। उद्घव ठाकरे ने कहा कि एक दिन ओपी माथुर ने संदेश भिजवाया कि उन्होंने 135 सीटों का फार्मूला तय‌ा किया है, जिसके तहत भाजपा 135 सीटें ले लेगी और 135 सीटें शिवसेना को दे देगी

प्रस्ताव के जवाब में उद्घव ने कहा, 'भाजपा यहां केवल लेने के लिए है, देने के लिए नहीं।' उद्घव ने पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में ओपी माथुर का नाम लेकर जिस प्रकार बात की, वह भाजपा नेताओं को रास नहीं आई।

भाजपा नेताओं का मानना है कि ठाकरे ने अड़ियल रवैये के कारण दोनों दलों के बीच बातचीत के दरवाजे भी बंद हो गए हैं। ठाकरे ने रविवार को पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में कहा कि वे भाजपा को 119 से जयादा सीटें नहीं दे सकते और यह उनका अंतिम फैसला है।

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