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असम: ऑपरेशन 'ऑल आउट' से उग्रवादियों को खदेड़ेगी सेना

Fri, 26 Dec 2014 08:51 PM IST
Updated Fri, 26 Dec 2014 08:51 PM IST
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Began military operations against Bodo militants in Assam.

असम में 70 से अधिक आदिवासियों की हत्या करने वाले बोडो उग्रवादियों के खिलाफ सेना ने अभियान शुरू कर दिया है।

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भूटान के साथ लगी सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात एसएसबी के जवानों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। कोकराझार जिले में एसएसबी और एनडीएफबी-सोंगबिजीत गुट के उग्रवादियों के बीच एक मुठभेड़ भी हुई है।

हालांकि, इस मुठभेड़ में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इस बीच आदिवासियों सहित हिंसा की घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है।

असम की स्थित के बारे में दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करने के बाद सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह ने कहा कि सेना असम में निश्चित तौर पर अभियान तेज करने जा रही है।
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उन्होंने कहा कि राज्य में 66 सैन्य टुकड़ियां (प्रत्येक टुकड़ी में 70 सैनिक) तैनात की गई हैं। उग्रवाद से सबसे अधिक प्रभावित सोनितपुर जिले में तैनात 4 कोर्स के जीओसी अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।

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एसएसबी के साथ संयुक्त अभियान में जुटी सेना

Began military operations against Bodo militants in Assam.

सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री ने सेना प्रमुख से हिंसा प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य बनाने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसके लिए एनडीएफबी के प्रभाव वाले असम के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के इलाकों में भी जवानों की संख्या बढ़ाने को कहा गया है।

हिंसा प्रभावित इलाकों में संयुक्त अभियान चलाने के लिए एसएसबी के दो हजार अतिरिक्त जवानों की भी तैनाती की गई है। कोकराझार की पुलिस ने बताया कि सुबह में जिले के फोइसाना बाजार इलाके में उग्रवादियों ने एसएसबी पर ग्रेनेड से हमला करने पर गोलीबारी की।

सूत्रों ने यह भी बताया कि सेना उग्रवाद को खत्म करने के लिए भूटान और म्यांमार के साथ मिलकर अभियान चलाने पर विचार रही है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पहले ही इस बारे में दोनों देशों की सरकारों से बात कर ली है। एनडीएफबी (एस) के उग्रवादियों के ठिकाने पड़ोसी देशों में हैं और वे वहीं से अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं।

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