फांसी से पहले घरवालों ने याकूब को भेजा था केक
आज यानी गुरुवार को सुबह 7 बजे मुंबई बम धमाकों के आरोपी याकूब मेमन को फांसी दे दी गई है। याकूब को 30 जुलाई को फांसी दी गई और 30 जुलाई को ही याकूब का जन्मदिन भी होता है।
याकूब के परिवार ने आज नागपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक को एक केक भी दिया था। इससे कुछ ही घंटों पहले याकूब को बताया गया था कि उसकी दया याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
फांसी के बाद याकूब मेमन का शव अंतिम संस्कार के लिए मुंबई के माहिम में भेज दिया गया्, जहां पर याकूब के पिता को दफनाया गया था।
नम थीं याकूब की आंखें
एक अधिकारी के मुताबिक जैसे ही जेल अधीक्षक ने याकूब को उसकी याचिका खारिज होने की खबर सुनाई तो वह कुछ नहीं बोला और चुपचाप फांसी यार्ड की तरफ चला गया।
एक जेल अधिकारी ने बताया, "उसकी आंखें भीगी हुई थीं, लेकिन याकूब ने कोई भी सवाल नहीं पूछा। बुधवार सुबह तक उसके मन में कुछ उम्मीदें थीं और उसने राष्ट्रपति को अपनी दया याचिका भेजते हुए एसपी से बात भी की थी।"