पीएमओ की नामंजूरी की वजह से लटकी नियुक्तियां
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प्रधानमंत्री कार्यालय की नामंजूरी की वजह से सार्वजनिक क्षेत्र की देश की मशहूर महारत्न कंपनियों के शीर्ष पदों पर नियुक्तियां लटकी पड़ी हैं।
पिछले दिनों सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (पीईएसबी) ने कुछ बड़ी कंपनियों के निदेशक और सीएमडी पद के लिए जिन नामों की सिफारिशें भेजीं, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनमें से ज्यादातर नामों को सीवीसी और संबंधित मंत्रालयों की सिफारिशों के बावजूद नामंजूर कर दिया।
अब इनके लिए पीईएसबी को दोबारा विज्ञापन देकर आवेदन मंगाने और साक्षात्कार की कवायद करनी पड़ रही है। पीईएसबी अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी का कार्यकाल अगले महीने खत्म हो रहा है।
विचाराधीन है कुछ प्रस्ताव
प्रधानमंत्री कार्यालय ने चयन पद्धति में बदलाव करके पीईएसबी द्वारा एक की
जगह बिना योग्यता क्रम के तीन नाम एसीसी को भेजने और इनमें से किसी एक का
चयन एसीसी द्वारा किए जाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
इस्पात क्षेत्र
में देश की रीढ़ मानी जाने वाली सार्वजनिक कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया
(सेल) के निदेशक (एच आर) के पद के लिए पीईएसबी ने विज्ञापन और साक्षात्कार
के बाद आंतरिक उम्मीदवार अतुल श्रीवास्तव का नाम चयन करके भेज दिया।
श्रीवास्तव की सीवीसी क्लीरियंस भी हो गई और फाइल एसीसी के पास अंतिम आदेश
के लिए चली गई। लेकिन एसीसी ने श्रीवास्तव के चयन को यह कहते हुए नामंजूर
कर दिया कि इस पद के लिए चयनित व्यक्ति के पास प्लांट में काम करने का
अनुभव भी होना चाहिए।
दोबारा करनी पड़ रही साक्षात्कार की कवायद
हालांकि अतुल श्रीवास्तव सेल के भिलाई कारखाने में
पहले काम कर चुके हैं और इन दिनों सेल मुख्यालय दिल्ली में कार्यकारी
निदेशक के पद पर तैनात हैं।
वैसे पद के लिए दिए गए विज्ञापन में प्लांट में
काम करने केअनुभव की योग्यता होना जरूरी नहीं बताया गया था।अब इस पद केलिए
पीईएसबी को दोबारा विज्ञापन और साक्षात्कार की कवायद करनी पड़ी।
इसी तरह
सेल में ही निदेशक (मार्केटिंग एवं डेवेलपमेंट) और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स
लि. (भेल) के निदेशक (वित्त) पद के लिए चयनित उम्मीदवारों के नाम खारिज हो
गए।