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9 लाख की घूस देकर बने टिकट कलेक्टर!

Sat, 22 Mar 2014 10:46 PM IST
Updated Sat, 22 Mar 2014 10:46 PM IST
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be the tt rs 9 lakh railway!

फर्जीवाड़ा कर नौकरी दिलाने वाले गिरोह ने तीन बेरोजगार युवाओं से रेलवे में टीटीई की नौकरी दिलाने के नाम पर नौ लाख रुपये ठग लिए। इन तीनों की विशाखापट्टनम और दमदम में फर्जी ट्रेनिंग भी करा दी।

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असलियत का पता चलने पर एक पीड़ित ने अहरौला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें दो लोगों को आरोपित किया है। पुलिस ठगी करने वालों की तलाश में जुटी है।

पीड़ित सुग्रीव मौर्या की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार अहरौला थाना क्षेत्र के पाती गांव निवासी विजय नारायण और उसके रिश्तेदार संतोष शुक्ला ने उसे रेलवे में टीटीई के पद पर नौकरी दिलाने का पक्का वादा किया था।
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पीड़ित के अनुसार वह उसके झांसे में आ गया। उसने खुद और अपने भतीजे संजीव मौर्य और साले नीलकमल को नौकरी दिलाने के लिए बात की।

तीन लोगों से वसूल किए 27 लाख

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नौकरी दिलाने के नाम पर विजय नारायण तिवारी ने तीनों से तीन-तीन लाख रुपये के हिसाब से नौ लाख रुपये लिए। इसके बाद हमें पश्चिम बंगाल में रह रहे अपने रिश्तेदार संतोष शुक्ला से मिलवाया।

कुछ दिनों बाद इन दोनों ने बताया कि हम तीनों का चयन रेलवे में हो गया है। हमें फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया गया। फिर हमें विशाखापट्टनम और दमदम में ले जाकर कुछ दिनों तक फर्जी ट्रेनिंग भी करवाई गई। इस दौरान स्टाइपेंड के रूप में 5400 रुपये महीना भी मिलते रहे।

ट्रेनिंग समाप्त होने पर ये तीनों लोग अपने घर लौट आए। करीब एक महीने पहले तीनों को कोलकाता बुलाया गया और एक हफ्ते तक राणाघाट स्टेशन पर ड्यूटी करवाई गई। इसके बाद इनका पटना ट्रांसफर कर दिया गया। जब ये पटना रेलवे स्टेशन पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनका नाम रेलवे के किसी रिकार्ड में है ही नहीं और वे ठगी के शिकार हुए हैं।

370 लोगों को बनाया फर्जी

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ठगे जाने की असलियत सामने आने के बाद ये तीनों कोलकाता जाकर रेलवे के डीआरएम से मिले। वहां डीआरएम ने उन्हें बताया कि यहां इस प्रकार के 370 लोग फर्जी टीटीई बनकर भटक रहे हैं।

अब तीनों ने नौकरी दिलाने वालों की तलाश शुरू की पर उनका कहीं पता नहीं चला। आरोपियों की तलाश करने के बाद तीनों घर लौट आए और सुग्रीव ने पुलिस को तहरीर दी।

थानाध्यक्ष अहरौला अनिल चंद तिवारी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई है।

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