फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   battle of polarization of votes in bihar

बिहार में अब होगी वोटों के ध्रुवीकरण की जंग

Mon, 17 Jun 2013 12:08 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 17 Jun 2013 12:08 AM IST
विज्ञापन
battle of polarization of votes in bihar

भाजपा-जदयू के बीच हुए तलाक के बाद बिहार की राजनीति में वोटों के ध्रुवीकरण की जंग छिड़ेगी।

विज्ञापन


खासतौर से राज्य के लगभग 16 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए जदयू, राजद और कांग्रेस अपने-अपने तरीके से रणनीति बनाएगी। जबकि भाजपा पिछड़ी जातियों को लुभाने के लिए नरेंद्र मोदी को ओबीसी नेता के रूप में भी प्रचारित करने से नहीं चूकेगी।

पार्टी की योजना इस सूबे में मोदी की सक्रियता बढ़ाने की है। लोगों की दिलचस्पी यह जानने में भी है कि इन नई परिस्थितियों में जदयू फेडरल फ्रंट के बहाने तीसरा मोर्चा खड़ा करने में जुटेगी या कांग्रेस से दोस्ती की भी संभावना तलाशेगी।
विज्ञापन


बीते विधानसभा चुनाव में सूबे में भाजपा-जदयू को 37 फीसदी, जबकि राजद-लोजपा गठबंधन को 26 फीसदी मत हासिल हुए थे। सत्तारूढ़ गठबंधन को हालांकि मुस्लिम मतों का थोड़ा ही हिस्सा हाथ लगा था। मगर इसका ध्रुवीकरण राजद के पक्ष में भी नहीं हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन


विपक्ष के मतों में भारी बिखराव ने महज 37 फीसदी वोट हासिल करने वाले इस गठबंधन को राज्य विधानसभा की लगभग 90 फीसदी सीटें दे दी थी।

तब इस गठबंधन को 14 फीसदी की हिस्सेदारी वाले अगड़ी जाति, महादलित और यादव के इतर पिछड़ी जातियों का अच्छा खासा वोट हासिल हो गया था।

अब जबकि भाजपा-जदयू का रिश्ता खत्म हो चुका है तब दोनों ही दल नुकसान की भरपाई नई रणनीति बनाने में जुटेंगे।

भाजपा की योजना अगड़ी जाति का वोट हासिल करने के साथ ही 8-9 फीसदी आबादी वाले मल्लाह और छह फीसदी आबादी वाली कुशवाहा जाति को पूरी तरह अपने पाले में करने की है।


इस रणनीति के तहत हाल ही में जदयू से नाता तोड़ने वाले उपेंद्र कुशवाहा और नीतीश से नाराज चल रहे कैप्टन जयनारायण निषाद को साथ लाने के लिए भाजपा पूरी ताकत झोंकेगी।

इसके इतर जदयू और राजद-लोजपा गठबंधन की नजरें राज्य के 42 फीसदी ओबीसी और 16 फीसदी मुसलमान मतदाताओं पर टिकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed