मोदी के ‘बुलेट ट्रेन सपने’ का दीदार करेंगे ओबामा
इस बार की गणतंत्र दिवस परेड कुछ खास होगी। हो भी क्यों नहीं आखिर यह प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की जहां पहली परेड होगी वहीं बराक ओबामा के रूप में पहली बार कोई अमेरिकी राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद होगा। यही वजह है रेल मंत्रालय ने इस बार की गणतंत्र दिवस परेड में मोदी के विजन की छाप छोड़ने का निर्णय लिया है।
परेड में रेल मंत्रालय खुद के गुणगान वाली कोई झांकी नहीं उतारेगा। मंत्रालय ने मोदी के सपने को इस बार की झांकी के रूप में उतारने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री ने भारतीय रेल के लिए देखे गए सपने में बुलेट और हाई स्पीड ट्रेन, अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन और पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की समान भागीदारी को शामिल किया है। रेलवे बराक ओबामा को परेड में मोदी के इसी सपने का दीदार कराएगा।
हाई स्पीड ट्रेन की झांकी
रेल मंत्रालय यह फैसला ले चुका है कि परेड में बुलेट ट्रेन की डिजाइन वाली हाई स्पीड ट्रेन की झांकी निकाली जाएगी। इसके जरिए यह बताने की कोशिश की जाएगी कि भारतीय रेल भविष्य के लिए अब फास्ट ट्रैक पर है। यही नहीं यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं से लैस स्टेशन के भी दर्शन कराए जाएंगे।
साथ ही इन पर महिला कर्मियों की तैनाती के साथ यह संदेश दिया जाएगा कि रेलवे अब ड्राइवर, स्टेशन मास्टर, टेक्निकल फिटर गार्ड जैसे पदों पर महिलाओं की तैनाती कर लैंगिक समानता को बढ़ावा दे रहा है।
झांकी के जरिए रेल मंत्रालय यह बताएगा कि भारतीय रेल का यही भविष्य है। हालांकि अभी झांकी के नाम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन तीन से चार दिनों में इस पर फैसला ले ले लिया जाएगा। इस पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु अपनी अंतिम मुहर लगाएंगे।