जिस होटल में रुकने से डरे ओबामा, मोदी उसी में ठहरेंगे
संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने अमेरिका जा रहे प्रधाानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूयॉर्क के उस होटल में ठहरेंगे, जिसमें ठहरने से अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इनकार कर दिया है। ये होटल न्यूयॉर्क का मशहूर वाल्डॉर्फ-एस्टोरिया है।
रोचक बात ये है कि भारतीय प्रधानमंत्री अब तब जब भी न्यूयॉर्क के दौरे पर गए हैं वहां के मशहूर न्यूयॉर्क पैलेस होटल में ठहरते रहे हैं। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए वाल्डॉर्फ-एस्टोरिया में रुकने वाले हैं।
जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति अब तक वाल्डॉर्फ-एस्टोरिया में रुकते रहे हैं, लेकिन बराक ओबामा ने इस बार वहां ठहरने से इनकार कर दिया है। माना जा रहा है कि ये फैसला उन्होंने चीनी खुफिया और साइबर जासूसों के डर से किया है।
जिनपिंग भी वाल्डॉर्फ-एस्टोरिया में ही रुकेंगे
2014 में होटल वाल्डॉर्फ-एस्टोरिया को एक चीनी बीमा कंपनी ने खरीद लिया था। ये होटल हिल्टन समूह का था, जिसे चीन की आनबांग बीमा कंपनी ने खरीदा, जो चीन के पुराने कम्यूनिस्ट नेता डेन शियाओपिंग की पोती की कंपनी है।
उल्लेखनीय है कि चीन के हैकरों पर व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश मंत्रालय के कम्प्यूटर तंत्र में सेंध मारकर डाटा चुराने का आरोप है। संभवतः हैकरों और चीनी जासूसों के डर से ही बराक ओबामा ने वहां न ठहरने का फैसला किया है।
हालांकि वाल्डॉर्फ-एस्टोरिया में बराक ओबामा के न रुकने के कारण रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन वहीं रुकेंगे। ओबामा न्यूयॉर्क पैलेस होटल में ठहरेंगे। न्यूयॉर्क पैलेस होटल को भी एक कोरियाई कंपनी खरीद चुकी है। चीनी राष्ट्र्रपति शी जिनपिंग भी वाल्डॉर्फ-एस्टोरिया में ही रुकेंगे।