बापू की हत्या की FIR और चार्जशीट से उठेगा पर्दा
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महात्मा गांधी की यादों और उनकी चीजों को सहेजने वाले गांधी स्मृति तथा दर्शन स्मृति संस्थान के पास बापू की हत्या की एफआईआर और चार्जशीट से संबंधित जानकारी नहीं है।
केंद्रीय सूचना आयोग ने अब गृह मंत्रालय को इस बाबत जानकारी जुटाने और सामने लाने का निर्देश दिया है। ओडिशा के बोलनगीर जिले के हेमंत पांडा ने गृह मंत्रालय से बापू की हत्या से संबंधित जानकारी मांगी थी।
उन्होंने आवेदन पत्र में सात बिंदु लिखे थे। मंत्रालय ने उनके आवेदन को नेशनल आर्काइव्स आफ इंडिया और गांधी स्मृति तथा दर्शन स्मृति संस्थान के निदेशक को भेज दिया था। नेशनल आर्काइव्स आफ इंडिया ने पांडा को बताया कि वे उनके कार्यालय आकर नियमों के तहत मांगी गई जानकारी हासिल कर सकते हैं।
नहीं किया गया था पोस्टमार्टम
स्मृति और दर्शन स्मृति ने बताया कि परिवार वालों के आग्रह के कारण महात्मा गांधी के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम नहीं किया गया था। हालांकि उन्होंने बताया कि उनके पास हत्या से संबंधित चार्जशीट और एफआईआर की जानकारी नहीं है।
दिल्ली के तुगलक रोड पुलिस स्टेशन में हत्या के बाद रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस पर पांडा ने जोर दिया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को आवेदन दिया था। इसलिए उन्हें मंत्रालय द्वारा ही सूचनाएं उपलब्ध कराईं जानी चाहिए।
सूचना आयुक्त शरत सभरवाल ने बताया कि मंत्रालय के सीपीआईओ को संबंधित जानकारी के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। मंत्रालय और तुगलक रोड पुलिस थाने में दस्तावेजों को तलाशा जाएगा।
सीपीआईओ को आदेश की कापी मिलने के 30 दिनों के भीतर जानकारी देनी होगी। यदि जानकारी नहीं मिल पाती है तो पांडा को लिखित में बताया जाएगा।