फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Bappi da is in election in his own style

बप्पी दा अपने ही अंदाज में उतरे हैं चुनावी जंग में

Sat, 29 Mar 2014 12:25 PM IST
रीता तिवारी/ अमर उजाला ब्यूरो,कोलकाता
रीता तिवारी/ अमर उजाला ब्यूरो,कोलकाता Updated Sat, 29 Mar 2014 12:25 PM IST
विज्ञापन
Bappi da is in election in his own style

जाने-माने संगीतकार बप्पी दा अपनी शोहरत को गाते-बजाते हुए हुगली जिले की श्रीरामपुर संसदीय सीट पर मैदान में उतरे हैं। वे इस चुनावी मुकाबले में उतरने वाले आखिरी उम्मीदवार थे।

विज्ञापन


भाजपा ने आखिरी सूची में उनके नाम का ऐलान किया था। उनके मैदान में उतरने से इस सीट पर मुकाबला तो चतुष्कोणीय हो ही गया है, साथ ही अनाम-सा यह इलाका अचानक सुर्खियों में आ गया है।
विज्ञापन


बप्पी लाहिड़ी के पहले रोड शो के दौरान यहां लोगों में जैसा उत्साह नजर आया उससे साफ है कि बप्पी दा इलाके में कइयों का गणित गड़बड़ा सकते हैं।

अपनी ही पार्टी ही डुबो सकती है लुटिया

Bappi da is in election in his own style

बप्‍पी की जीत की राह में भाजपा की सांगठनिक कमजोरी ही सबसे बड़ी बाधा है। इस सीट पर उनका मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के निवर्तमान सांसद कल्याण बनर्जी, कांग्रेस के अब्दुल मन्नान और सीपीएम के तीर्थंकर राय से है।

पहले रोड शो के लिए तय समय से घंटे भर की देरी से पहुंचने के बावजूद बच्चे-बूढ़े और महिलाएं हजारों की तादाद में अपने पसंदीदा संगीतकार को देखने के लिए सड़कों के दोनों और डटी रहे।

दूर से बप्पी दा का काफिला नजर आते ही कुछ उत्साही युवा अपने मोबाइल पर उनका हालिया हिट गाना उलाला...उलाला....बजाते हुए नाचने लगे। इससे उत्साहित बप्पी ने कहा कि जीतने के बाद वे महीने में एक बार श्रीरामपुर जरूर आएंगे।

बप्‍पी के चुनावी वादे

Bappi da is in election in his own style

बप्‍पी का कहना था कि लोगों का प्रेम देख कर वे अभिभूत हैं। हुगली जिला विविधताओं से भरा है। अतीत में यह फ्रेंच और डेनिश कालोनी रह चुका है। हुगली के किनारे बसा श्रीरामपुर अपने मंदिरों और सांस्कृतिक विरासत के लिए मशहूर है।

लेकिन अब तक उसके संसाधनों का समुचित दोहन नहीं हो सका है। यही वजह है कि बप्पी ने इलाके के विकास को ही अपना प्रमुख मुद्दा बनाया है। वे कहते हैं, ‘बीते पांच वर्षों में श्रीरामपुर में विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ है। नदी, जूट मिल और मंदिरों वाले इस इलाके में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।’

उन्होंने इलाके में बंद पड़ी जूट मिलों के पुनरुद्धार और एक संगीत अकादमी खोलने का भी वादा किया है। बप्पी कहते हैं, ‘लोगों की शिकायत रहती है कि जानीमानी हस्तियां चुनाव जीतने के बाद गायब हो जाती हैं। लेकिन मैं उनमें से नहीं हूं। अपनी जीत के प्रति आश्वस्त बप्पी कहते हैं कि उनको सिर्फ भगवान ही हरा सकता है, कोई व्यक्ति या राजनीतिक पार्टी नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed