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बंसल ने दिए संकेत, रेल किराए में वृद्धि को रहें तैयार

Tue, 30 Oct 2012 12:24 AM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 30 Oct 2012 12:24 AM IST
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bansal gave the signal to get ready to increase in rail  fares

पवन कुमार बंसल ने सोमवार को रेल मंत्री का पदभार संभालने के साथ ही रेल किराए में वृद्धि का संकेत दे दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे की सेहत ठीक नहीं है। रेल परियोजनाओं को पूरा करने तथा सेवाओं में सुधार के लिए यात्री किराया बढ़ाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि फ्रेट कारीडोर को समय पर पूरा किया जाएगा और रेलवे में संरक्षा और सुरक्षा को सर्वाधिक महत्व दिया जाएगा।

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पदभार संभालने के बाद बंसल ने कहा कि हम व्यवसायिक संगठन नहीं है। यात्री किराया सिर्फ इसलिए नहीं बढ़ाएंगे कि हमें आमदनी बढ़ानी है, बल्कि किराया बढ़ाया जाता है तो यात्रियों को ऐसा बेहतर सेवा देने के लिए किया जाएगा।  रेल भवन में कार्यभार ग्रहण के समय उनके साथ रेलवे राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी भी थे।
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बंसल ने कहा कि अभी हमें विभाग के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। पहला दिन है लेकिन हम जानते हैं कि यह मंत्रालय देश की धड़कन है। रेलवे इस समय वित्तीय संकट से जूझ रही है और कई चालू परियोजनाओं के लिए खर्च में कटौती की जा रही है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि रेलवे का व्यापक ढांचा न ढहे।
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मंत्री ने कहा कि हम जानते हैं कि लोग रेलवे से बेहतर सेवा की अपेक्षा करते हैं। इसके लिए वे थोड़ा ज्यादा किराया देने के लिए आसानी से तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि रेलवे की वित्तीय एवं ढांचागत स्थिति को मजबूत करने पर उनका सर्वाधिक जोर रहेगा

कायाकल्प के लिए रेलवे को चाहिए 7.35 लाख करोड़

नई दिल्ली। रेलवे को ढांचागत सुधार एवं जरूरी विकास योजनाओं के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना में कुल 7.35 लाख करोड़ रुपये की जरूरत है। काकोदर एवं पित्रोदा कमेटी ने रेलवे के आधुनिकीकरण पर जोर दिया है। 1900 किमी. रेल लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर कुल 63000 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।


मंत्रालय को पांच साल में कुल 7.35 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी। रेलवे का अनुमान है कि वह अपने आंतरिक संसाधनों से इस मद में दो लाख करोड़ रुपये जुटाने में सक्षम नहीं है। इसके लिए वह केंद्र से 2.5 लाख करोड़ की बजटीय सहायता तथा 2.18 लाख करोड़ रुपये पीपीपी से जुटाने की उम्मीद संजोये है। बिजली तथा डीजल की कीमतों में वृद्धि तथा अन्य खर्चों में लगातार बढ़ोत्तरी के चलते रेलवे पर आंतरिक स्रोत से आय को बढ़ाने का भारी दबाव है।

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