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सोनिया साबित हुईं 'सुपर पीएम', मनमोहन फिर कमजोर

Sat, 11 May 2013 12:36 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 11 May 2013 12:36 AM IST
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bansal ashwani resignation issue sonia strong compare manmohan

एक साथ दो कैबिनेट मंत्रियों की छुट्टी करवाकर सोनिया गांधी ने एक बार फिर राजनीतिक साहस दिखाया है, वहीं प्रधानमंत्री का कद कमजोर हुआ है।

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मगर सोनिया ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उन्हें दोनों मंत्रियों की चंद घंटों में छुट्टी करवाने का दो टूक निर्देश दे दिया। इससे पहले भी शशि थरूर, सुरेश कलमाड़ी, अशोक चव्हाण समेत जैसे बड़े पदों पर काबिज नेताओं के विवाद पर आने के साथ ही सोनिया ने राजनीतिक फैसला लेने की हिम्मत दिखाई थी।
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हालांकि सोनिया के हस्तक्षेप के बाद इन दोनों मंत्रियों की छुट्टी के बावजूद प्रधानमंत्री पर से संकट अभी टला नहीं है।

कोयला घोटाले को लेकर जहां विपक्ष अब उनको सीधे निशाने पर लेगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट की दस जुलाई को होने वाली सुनवाई के चलते भी मनमोहन सिंह पर तलवार लगातार लटकी रहेगी।
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पंजाब से आने वाले पवन बंसल और अश्वनी कुमार प्रधानमंत्री के सबसे करीबी माने जाते हैं। उनकी सिफारिश पर ही दोनों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई। मगर दोनों की छुट्टी होने के बाद पीएम की पंजाब लॉबी ध्वस्त हो गई है।


इसी के साथ ही जनता ही नहीं बल्कि कांग्रेस के अंदर भी उनकी साख पर बट्टा लगा है। यही नहीं कोयला घोटाले में अश्वनी कुमार की विदाई के बाद तो अब तलवार प्रधानमंत्री के सिर पर ही टंग गई है।

कांग्रेस के अंदर इस बात की चर्चा गरम है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अगर अपने फैसले में पीएम को आड़े हाथों लेता है तो मनमोहन सिंह का बचाव करना कांग्रेस के लिए बेहद मुश्किल होगा।

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