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बंगलूरू और चेन्नई रिश्वत देने में सबसे आगे
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 21 Nov 2013 07:31 PM IST
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वैसे तो पूरा देश ही भ्रष्टाचार से त्रस्त है लेकिन भ्रष्टाचार आधारित एक वेबसाइट के मुताबिक बंगलूरू भ्रष्टाचार के मामले में सबसे आगे है। दूसरे नंबर पर चेन्नई का नाम है।
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जनाग्रह एनजीओ द्वारा बनाई गई एक वेबसाइट पर लोगों से उनके रिश्वत देने के अनुभव के बारे में जानकारी देने का आग्रह किया गया है।
इस पर आई लोगों की प्रतिक्रिया के मुताबिक इस वेबसाइट के 2011 में शुरू होने के बाद से बंगलूरू में लोग 16 करोड़ रुपए की रिश्वत दे चुके हैं। इसके बाद चेन्नई के 1100 लोगों ने बताया कि उन्होंने तीन साल में सरकारी अधिकारियों को सात करोड़ रुपए से ज्यादा रिश्वत दी है।
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इनमें रिश्वत की अधिकतर वजहें जमीन के कागजात, पानी, सीवरेज और बिजली कनेक्शन से संबंधित रही हैं।
अब तक वेबसाइट पर देशभर से 22378 लोगों ने रिश्वत देने की बात स्वीकारी है और रिश्वत में दी गई कुल राशि 57.61 करोड़ रुपए हो गई है। बंगलूरू और चेन्नई के बाद मुंबई 6.97 करोड़ रुपए की रिश्वत के साथ तीसरे, दिल्ली 4.4 करोड़ के साथ चौथे नंबर है।
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इनके बाद हैदाराबाद में 2.89 करोड़, कोलकाता में 1.63 करोड़ और कोच्ची में 56101 रुपए रिश्वत दी गई है।
रिश्वत को न कहने वाले भी
जनाग्रह की प्रोडक्ट मैनेजर कहती हैं कि बंगलुरू के भ्रष्टाचार में आगे रहने की वजह वहां वेबसाइट की ज्यादा जानकारी होना है। अधिकतर लोग सिस्टम को लेकर अपना गुस्सा भी जाहिर कर रहे हैं।
वेबसाइट के मुताबिक पूरे भारत से हर रोज करीब 20 रिश्वत के अनुभव बताए जा रहे हैं। इनमें एक मेडिकल सीट के लिए चार लाख रुपए से लेकिर ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 20 रुपए तक की रिश्वत शामिल है।
हांलाकि, वेबसाइट पर अच्छे परिणाम भी सामने आए हैं कि चेन्नई के 107 लोगों ने सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत देने से मना कर दिया।