बंगलुरु में गणेश चतुर्थी पर नहीं बिकेगा मांस
वृहत बंगलुरु महानगर पालिका ने घोषणा की है गणेशचतुर्थी के मौके पर मांस की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। बीबीएमपी ने मंगलवार को सूचना जारी कर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि आगामी 17 सितम्बर को बंगलुरु में मांस नहीं बिकेगा।
उधर देशभर में धार्मिक मौकों पर गोश्त की बिक्री पर लगाए जा रहे प्रतिबंध से लोगों में रोष भी बढ़ रहा है। हालांकि, इस मुद्दे पर प्रशासन का कहना है कि गणेश चतुर्थी पर गोश्त की बिक्री पर प्रतिबंध सामान्य रुटीन है और गांधी जयंती पर भी ये प्रतिबंध लगाया जाता है।
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने भी मुंबई में मीट की बिक्री पर रोक की घोषणा की थी जिसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने इसकी बिक्री पर से प्रतिबंध हटा दिया। हालांकि, इस दिन मुंबई के बूचड़खाने बंद रहेंगे।
कई राज्यों में लग चुका है प्रतिबंध
आपको बता दें की बंगलुरु ही एक मात्र ऐसा शहर नहीं है जहां मांस की बिक्री पर रोक लगा हो। इससे पहले कई अन्य राज्यों में भी गोश्त की बिक्री पर प्रतिबंध लग चुका है। हालांकि, इन प्रतिबंधों के पीछे के कारण अलग-अलग रहे हैं।
मालूम हो कि पर्यूषण पर्व और गणेश चतुर्थी को लेकर भाजपानीत महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा छत्तीसगढ़ में पहले ही मांस की ब्रिकी पर सरकार प्रतिबंध लगा चुकी है। अब बेंगलुरु में भी गोश्त पर प्रतिबंध की घोषणा के बाद कर्नाटक राज्य भी इस सूची में शामिल हो गया है।
वहीं एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने नवरात्र पर मांस की बिक्री पर रोक लगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अक्टूबर में नवरात्र के नौ दिनों में किसी भी धर्म के लोग मांस न खाएं। उन्होंने दुकानदारों से भी अपील की कि वे नवरात्र के दिनों में मांस की बिक्री न करें। उल्लेखनीय है कि नवरात्र नौ दिन तक चलने वाला हिंदुओं का महत्वपूर्ण त्यौहार है, जो चैत्र ( मार्च-अप्रैल) और अश्विन (अक्टूबर) महीने में मनाया जाता है।