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ठाकरे कुछ भी बोले, संगीत की कोई सीमा नहीं: कैलाश
फरीदाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Oct 2012 09:43 PM IST
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नामचीन गायक कैलाश खेर का कहना है कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती है। संगीत जिस तरह हिंदुस्तान के लोगों को खुशी देता है उसी तरह यह पाकिस्तान के लोगों के मन में भी बसता है। कैलाश खेर ने बाल ठाकरे के उस बयान को गलत बताया कि जिसमें उन्होंने कहा कि था कि पाकिस्तानी गायकों को भारत में नहीं आने देना चाहिए, क्योंकि भारतीय संगीतकारों को पाकिस्तान में इज्जत नहीं दी जाती।
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जगन सिंह क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मैच में फरीदाबाद पहुंचे सूफी गायक कैलाश खेर ने कहा कि संगीत इंसान को प्रेरणा देता है, इसलिए इसका उपयोग इसी रूप में किया जाना चाहिए। क्रिकेट के अधिकतर आयोजनों में संगीतकारों को केवल खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए बुलाया जाता है।
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ढाका में एशिया कप के दौरान भी खेर ने सूफी संगीत गाकर क्रिकेटरों की हौसला अफजाई की थी। आज के दौर के रिमिक्स के बारे में उनका कहना था कि हर किसी के संगीत साधना का तरीका अलग होता है, इसलिए वे रिमिक्स को गलत नहीं मानते हैं।
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इन दिनों चल रहे रियलिटी म्यूजिक शो के बारे में कैलाश खेर ने बताया कि इन शो के जरिए युवा गायकों को बढ़ावा मिलता है। ऐसे शो के जरिए प्रतिभाएं सामने आती है। उन्होंने केवल सूफी संगीत गाने के बारे में बताया कि बचपन में ही माता-पिता से अच्छे संस्कार मिलने के कारण सूफी संगीत से उनका लगाव हो गया। सूफी संगीत हमेशा इंसान को अच्छा करने के लिए प्रेरित करता है।