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थानेदार ने ही मिटा दिए गैंगरेप के सबूत

Wed, 07 Jan 2015 08:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बदायूं
ब्यूरो/अमर उजाला, बदायूं Updated Wed, 07 Jan 2015 08:59 AM IST
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badaun police station gang rape case.

नए साल के पहले दिन जिले में खाकी पर जो दाग लगा है, वह आसानी से नहीं छूटेगा। घटना के चौबीस घंटे बाद तक रिपोर्ट दर्ज न करना, फॉरेंसिक एक्सपर्ट के आने से पहले आरोपी सिपाही के कमरे के ताले तुड़वा कर वहां से सामान हटवाना एसओ मूसाझाग की कारस्तानी रही है। मेडिकल में किशोरी से रेप की पुष्टि भी हो चुकी है। ऐसे में अगर सिपाहियों पर आरोप साबित होते हैं तो एसओ मूसाझाग रामलखन यादव भी 120बी के आरोपी बन सकते हैं।

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बता दें कि 31 दिसंबर की शाम छह बजे सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव थाने से रवाना हुए थे। वीरपाल यादव साथी सिपाही अवनीश यादव के साथ लग्जरी कार से किशोरी के गांव पहुंचे। किशोरी शौच के लिए निकल रही थी। मौका पाकर दोनों ने उसे कार में डाल लिया। दोनों सिपाही किशोरी को लेकर थाने पहुंचे। यहां एक कमरे में उसके साथ गैंगरेप किया गया। इस दौरान थाने में शराब का दौर भी चला। रेप के बाद रात में ही किशोरी को गांव के बाहर छोड़ दिया गया।
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एसएसपी संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर चौबीस घंटे बाद एक जनवरी को रात में सिपाहियों के खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज हुआ। उस वक्त एसओ मूसाझाग रामलखन यादव ने दोनों सिपाहियों को फरार बताया था। अब एक जनवरी को सुबह पांच बजे दोनों की आमद बताई जा रही है।
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डीआईजी आरकेएस राठौर और एसओ के बयानों में विरोधाभास से साफ है कि पुलिस ने आमद दर्ज करने में खेल किया है। शुक्रवार को मेडिकल पैनल ने किशोरी से गैंगरेप की पुष्टि कर दी। इससे पहले एसओ मूसाझाग पूरे मामले में लीपापोती की कोशिश करते रहे। बाद में इन्होंने को नष्ट करने की भी पूरी कोशिश की।

फॉरेंसिक टीम आने से पहले मिटाए सबूत

badaun police station gang rape case.

गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज करने में चौबीस घंटे का वक्त लगाने वाले एसओ मूसाझाग रामलखन यादव ने सिपाहियों की रवानगी और आमद में हेरफेर करने के साथ ही आनन-फानन में कई सबूत नष्ट करने में कसर नहीं छोड़ी। शुक्रवार को डीआईजी आरकेएस राठौर और फॉरेंसिक स्टेट लैब की टीम के मूसाझाग पहुंचने से पहले ही एसओ रामलखन यादव ने न केवल आरोपी सिपाही वीरपाल के कमरे के ताला तुड़वा दिया, बल्कि वहां से कई आपत्तिजनक चीजें हटवा दीं। हालांकि फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने दोनों सिपाहियों के कमरों से कुछ चीजों को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।

मूसाझाग थाने के एक कमरे में ही किशोरी से सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव द्वारा रेप करने का आरोप है। किशोरी को बुधवार रात करीब आठ बजे थाना क्षेत्र के एक गांव से सिपाही वीरपाल की लग्जरी कार से अगवा किया गया था। पुलिस को जब पता लगा कि डीआईजी समेत फॉरेंसिक टीम और बड़े अधिकारी थाने और गांव पहुंचने वाले हैं तो थाने में वीरपाल के कमरे के ताले तुड़वा कर कई चीजों को हटवा दिया। इस दौरान यहां सीओ उझानी नरेंद्रपाल सिंह भी पहुंच गए। सीओ के पहुंचने पर कमरे को बंद कर दिया गया। चर्चा है कि कमरे में शराब की बोतलें, एक नाजायज रायफल और यूज किए गए कंडोम थे, जिन्हें फॉरेंसिक टीम के पहुंचने से पहले ही हटा दिया गया।

यही नहीं। गुरुवार को जब घटना की बाबत एसओ से बात की गई थी तो उन्होंने सिपाहियों की रवानगी का तो वक्त बताया था लेकिन आमद के बारे में पूछने पर कहा था कि दोनों सिपाही रवानगी के बाद थाने नहीं लौटे थे, दोनों फरार हैं। शुक्रवार को डीआईजी आरकेएस राठौर ने सिपाहियों के गुरुवार सुबह पांच बजे थाने में आमद कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि दोनों सिपाही हल्का नंबर दो में तैनात थे। इस हल्के में करीब 14 गांव हैं। बकौल, डीआईजी सिपाही एफआईआर दर्ज होने के बाद फरार हुए। सवाल है कि जब सिपाहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई थी तो फिर पुलिस ने उन्हें थाने से जाने क्यों दिया।

सिपाही बर्खास्त, एसओ निलंबित

badaun police station gang rape case.

बदायूं के मूसाझाग थाने में गैंगरेप को प्रदेश सरकार द्वारा गंभीरता से लिए जाने पर डीआईजी ने आज खुद मौके पर जाकर पूरे मामले की पड़ताल की। शाम को इस मामले की जांच के लिए एडीजी क्राइम एच.सी अवस्थी आईजी वीएस मीना के साथ बदायूं पहुंच गए थे। दोनों ने पीड़िता से घटना प्रारंभिक जानकारी ले ली है। इस बीच तीन डॉक्टरों की मेडिकल टीम ने गैंगरेप की पुष्टि कर दी है।

आरोपी दोनों सिपाहियों वीरपाल यादव और अवनीश यादव की तलाश में पुलिस दलों ने शुक्रवार को आंवला क्षेत्र में उनके गांवों गुड़गवां मुस्तकिल और राजपुर गौंटिया में छापा मारा लेकिन वे हाथ नहीं आए। मूसाझाग में फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने दोनों सिपाहियों के कमरों को खंगाला। पुलिस ने वीरपाल के कमरे का ताला तोड़ कर शराब की बोतलें और अन्य आपत्तिजानक सामान जब्त किया है जो उनके अय्याश मिजाज की पुष्टि कर रहा है।

शाम को कप्तान ने लखनऊ से मिले निर्देश के बाद दोनों सिपाहियों को बर्खास्त करने और उनके गश्त पर जाने की बात कहने वाले एसओ रामलखन यादव को सस्पेंड करने की घोषणा की। करीब चौबीस घंटे बाद सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

शुक्रवार को बरेली रेंज के डीआईजी आरकेएस राठौर थाना मूसाझाग पहुंचे और थाने में सिपाहियों की रवानगी और आमद की जांच की। इसके बाद पीड़ित किशोरी के गांव जाकर लोगों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मामले के हर पहलू की निष्पक्षता से जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। चूंकि गैंगरेप के इस मामले में पुलिस के दो सिपाही आरोपी हैं, लिहाजा यह और भी गंभीर है।

गांव पहुंचे आंवला के भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने आरोपी सिपाहियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़िता के परिवार को मुआवजा की मांग करते हुए कहा कि थानों में थानेदार से लेकर सिपाही तक एक जाति विशेष के लोग तैनात हैं, इसलिए ऐसी घटनाएं हो रही हैं। प्रभारी डीएम देवेंद्र सिंह कुशवाह, एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने भी पीड़िता के गांव पहुंच कर परिवार और गांव वालों से बात की।

बता दें कि बुधवार रात मूसाझाग थाने के सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव इलाके के एक गांव से 14 साल की किशोरी को कार से अगवा कर थाने ले आए थे। वहां नशा करने के बाद एक कमरे में किशोरी से गैंगरेप किया गया। चार घंटे  बाद में दोनों किशोरी को गांव के बाहर छोड़कर फरार हो गए। शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेखा रानी, डॉ. कमला मिश्रा और डॉ. बीना अग्रवाल के पैनल ने किशोरी का मेडिकल किया। पैनल ने किशोरी से रेप की पुष्टि की है।

सिपाहियों की गिरफ्तारी को लगाई गई एसटीएफ

badaun police station gang rape case.

थाने में नाबालिग से गैंगरेप के मामले की जांच-पड़ताल के लिए देर शाम लखनऊ से बदायूं पहुंचे एडीजी (क्राइम) एचसी अवस्थी और आईजी विजय मीना ने एसएसपी संतोष कुमार सिंह के साथ महिला थाने में पीड़िता और उसके परिवार वालों से बात की। आईजी क्राइम ने कहा कि आरोपी सिपाहियों की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ की स्पेशल टास्क फोर्स लगाई गई है।

एडीजी क्राइम ने कहा कि मेडिकल जांच में प्रथम दृष्टया किशोरी से रेप की पुष्टि की है। इसमें फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मदद भी ली जा रही है। जरूरत हुई तो आरोपियों और पीड़िता की डीएनए जांच भी कराई जाएगी। महिला थाने में पीड़िता, उसके परिवार वालों से पूछताछ और मीडिया से बात करने के बाद सभी अधिकारी मूसाझाग रवाना हो गए।

डीआईजी ने बनाई पांच टीमें, एक टीम सैफई भी गई

डीआईजी ने आरोपियों की गिरफ्तारी को पांच टीमें बनाई हैं। मूसाझाग थाना कांड के आरोपी सिपाहियों के घरों के आसपास बदायूं जिले के चार थानेदार प्राइवेट कार से घूमते रहे। इनमें मूसाझाग के निलंबित एसओ भी शामिल थे। बता दें कि दोनों आरोपी सिपाहियों के गांव पांच किमी के अंतर पर हैं। ऐसे में शुक्रवार को रिमझिम बारिश के बीच जब बदायूं के चार थानेदार इन इलाकों में घूमे तो लोगों को स्थिति अजीब सी लगी। मूसाझाग के थाना प्रभारी रामलखन यादव, बिसौली कोतवाली प्रभारी सतीश यादव, इस्लामनगर थाना प्रभारी रुकुमपाल यादव और बिल्सी थाना प्रभारी राजवीर यादव इनमें शामिल थे। चारों पुलिस अधिकारी वर्दी तो पहने थे पर एक निजी कार में सवार थे। वे कार से कम ही निकले और कार में बैठे बैठे ही लोगों से बात की। बदायूं के एसएसपी संतोष कुमार ने बताया कि एडीजी के निर्देश पर डीआईजी ने आरोपियों की गिरफ्तारी को पांच टीमें बनाई हैं। इनमें एक टीम सैफई भी भेजी गई है।

आरोपी सिपाही का चाचा धमका रहा पीड़ितों को
आरोपी सिपाही अवनीश यादव का चाचा सोबरन सिंह यादव भी मूसाझाग थाने में ही दरोगा है। घटना के बाद से यह कई बार पीड़िता के गांव जाकर उसके संबंधियों और ग्रामीणों को धमका चुका है। गांव वालों ने बताया कि गुरुवार-शुक्रवार को दिन में सोबरन कई बार गांव आया। इसने गांव वालों को धमकाया कि अगर किसी ने मुंह खोला तो ठीक नहीं होगा। गांववालों को आशंका है कि सोबरन सिंह विवेचना को भी प्रभावित करने की कोशिश करेगा।

जाति विशेष को थानेदारियां, यह तो होगा ही: धर्मेंद्र

badaun police station gang rape case.

किशोरी से थाने में गैंगरेप मामले में भाजपा यूपी सरकार पर हमलावर हो गई है। आंवला के भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने यूपी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जब सिर्फ एक जाति विशेष के लोगों को ही थानेदारियां दी जाएंगी। जाति विशेष के सिपाहियों को अहम हल्के दिए जाएंगे, तो ऐसा ही होगा।

सांसद धर्मेंद्र कश्यप शुक्रवार को पहले पीड़िता के गांव पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़िता के संबंधियों और गांव के लोगों से बात की। इसके बाद जिला महिला अस्पताल पहुंच कर उन्होंने पीड़िता का हाल जाना। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में जाति विशेष के थानेदार हैं। सिपाही भी जाति विशेष से ताल्लुक रखते हैं। बदायूं ही नहीं, पूरे सूबे की कानून व्यवस्था बेपटरी है। खुद पुलिस वाले रेप कर रहे हैं। कश्यप के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमस्वरूप पाठक, पूर्व विधायक महेश चंद्र गुप्ता, पूर्व विधायक अवनीश सिंह, दातागंज चेयरमैन राजीव गुप्ता, दीपमाला गोयल आदि साथ रहीं।

लग्जरी कार से वसूली करता था वीरपाल
मूसाझाग थाने का सिपाही वीरपाल यादव इलाके में दहशत का पर्याय था। वीरपाल यादव और अवनीश यादव की तैनाती 14 गांव और मजरे वाले हल्का नंबर दो में थी। गांव वालों की मानें तो दोनों सिपाही लग्जरी कार से दहशत फैलाने और अवैध वसूली करने निकलते थे। ग्रामीणों को बेवजह परेशान करना इनकी फितरत थी। सिपाही वीरपाल के भय से कोई आवाज नहीं उठा पाता था। दोनों सिपाहियों ने कई बार मिलकर ग्रामीणों से लूटपाट भी की।

करीब छह महीने पहले आरोपी सिपाही वीरपाल यादव सिविल लाइंस थाने की नवादा चौकी पर तैनात था। यहां भी इसने कई वाहनों के पहिए बेच दिए थे। इसके बाद इसे मूसाझाग भेज दिया गया था। करीब एक महीने पहले प्रह्लादपुर के विजेंद्र से वीरपाल यादव ने आठ हजार रुपये लूट लिए थे। गांव वालों की मानें तो वीरपाल यादव अपनी लग्जरी कार में तमंचे, चरस समेत कई अवैध सामान लेकर चलता था।

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