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बदायूं कांड: आखिर क्या है बदले दुपट्टे का रहस्य?

Wed, 03 Sep 2014 12:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बदायूं
ब्यूरो/अमर उजाला, बदायूं Updated Wed, 03 Sep 2014 12:37 PM IST
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badaun case cbi investigation.

कटरा सआदतगंज में कथित रेप के बाद हत्या कर पेड़ पर लटकाई गईं चचेरी बहनें उस रात घर पर ही थीं या कहीं और इस रहस्य को भी सीबीआई सुलझाना चाहती है।

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जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों की मानें तो सीबीआई का फोकस उस दुपट्टे पर है जिस पर बड़ी लड़की का शव लटका हुआ मिला था। यह दुपट्टा उसका नहीं था। जिस दुपट्टे पर छोटी लड़की का शव लटका था वह दुपट्टा जरूर उसी का था।
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गौर करने वाली बात ये है कि पुलिस और एसआईटी ने अपनी विवेचना में इसका जिक्र ही नहीं किया।

जांच के दौरान सीबीआई को जब यह पता चला कि उस रात दोनों लड़कियों की रिश्तेदार एक और लड़की भी घर पर ही थी। घटना के बाद यह लड़की दिल्ली अपने पिता के पास चली गई तो सीबीआई की एक टीम ने दिल्ली पहुंच कर इस लड़की से भी पूछताछ की।
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सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान मरने वाली लड़कियों का भाई भी वहां मौजूद रहा था। इस पूछताछ के बाद सीबीआई की जांच बदले हुए दुपट्टे पर टिक गई है। जांच एजेंसी भी दुपट्टे का रहस्य सुलझा लेना चाहती है।

सिपाहियों की लटकी रिहाई

badaun case cbi investigation.

सीबीआई का मानना है कि अगर दुपट्टे का रहस्य सुलझ जाए तो घटना का खुलासा भी आसान हो जाएगा। दुपट्टे का रहस्य सुलझने से पहले सीबीआई इस सवाल का जवाब भी तलाशने में लगी है कि उस रात दोनों लड़कियां घर पर थीं या कहीं और।

कटरा सआदतगंज कांड में आरोपी सिपाही छत्रपाल गंगवार और सर्वेश यादव की रिहाई दूसरे दिन भी नहीं हो सकी। दोनों सिपाहियों को मामले में सुनवाई कर रहे स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) ने सोमवार को सशर्त जमानत दे दी थी।

जमानत पर रिहा होने के लिए इनको दो-दो लाख के निजी मुचलते और दो-दो लाख के भरोसेमंद जमानती दाखिल करने थे। दूसरे दिन भी सिपाहियों के जमानत पत्र नहीं भरे जा सके।

बता दें कि कटरा सआदतगंज कांड में पप्पू यादव, अवधेश यादव, उरवेश यादव (सगे भाई) समेत सिपाही सर्वेश यादव और छत्रपाल गंगवार आरोपी हैं। मामले में सीबीआई 90 दिन में चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी।

पिछले सप्ताह स्पेशल जज के यहां दोनों सिपाहियों ने जमानत के लिए अर्जी दी थी। कोर्ट ने एक सितंबर को इस पर सुनवाई के बाद दोनों सिपाहियों को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

दो लोगों से पूछताछ

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मंगलवार को भी दोनों सिपाही कोर्ट में जमानत दाखिल नहीं कर सके। ऐसे में इनकी जेल से रिहाई लटक गई है। कानून के जानकारों की मानें तो सिपाहियों की रिहाई में अभी एक-दो दिन का वक्त लग सकता है।

उम्मीद है कि बुधवार को दोनों सिपाहियों की ओर से मुचलका और जमानती कोर्ट में दाखिल किए जा सकते हैं।

कटरा सआदतगंज कांड की जांच कर रही सीबीआई ने मंगलवार को गांव के दो लोगों को पूछताछ केलिए मंडी समिति लाई। इन लोगों से देर शाम तक यहां पूछताछ हुई। बाद में इनको वापस गांव भेजा गया।

सीबीआई की एक टीम सुबह करीब नौ बजे गांव पहुंची। यहां कुछ देर रुकने के बाद अधिकारियों ने गांव के विजेंद्र सक्सेना और टेनी शाक्य को अपने साथ लिया। बाद में इन दोनों को मंडी समिति स्थित गेस्ट हाउस लाकर घंटों पूछताछ हुई।

देर शाम यह दोनों वापस गांव पहुंचे। बता दें कि टेनी शाक्य से सीबीआई पहले भी दो बार पूछताछ कर चुकी है।

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