{"_id":"ec69a98c-a797-11e2-93d9-d4ae52bc57c2","slug":"backward-regions-grant-fund","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र से नीतीश कुमार को मिलेगी सौगात?","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
केंद्र से नीतीश कुमार को मिलेगी सौगात?
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 18 Apr 2013 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशेष राज्य के दर्जे की मांग कर रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को केंद्र से खुशखबरी मिल सकती है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल आगामी बृहस्पतिवार को बैकवर्ड रीजन ग्रांड फंड (बीआरजीएफ) के मापदंड में बदलाव संबंधी वित्त मंत्रालय के प्रस्ताव पर विचार करेगा।
माना जा रहा है कि मापदंड को इतना लचीला बनाया जाएगा, जिससे इसके दायरे में पिछड़े जिलों की संख्या तथा योजनाओं के लिए खर्च की जाने वाली राशि बढ़ाने का मार्ग आसान हो जाए।
अगर मापदंडों में बदलाव हुआ तो इसका लाभ उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य पिछड़े राज्यों को भी मिलेगा। केंद्र के इस प्रयास को भाजपा से रार ठाने बैठे नीतीश पर डोरे डालने के रूप में भी देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक प्रस्ताव के प्रति सर्वाधिक रुचि स्वयं वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने दिखाई है। चिदंबरम ने पिछले दिनों इस संबंध में मापदंड बदलने का समर्थन कर नीतीश को सहायता देने का साफ संकेत दिया था।
विज्ञापन
मगर बाद में तय किया गया कि विशेष राज्य का दर्जा देने के बदले नीतीश से संबंध बेहतर बनाए रखने का कोई अन्य रास्ता तलाशा जाए।
इस क्रम में बीआरजीएफ के मापदंडों में बदलाव कर बिहार को अधिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। फिलहाल बीआरजीएफ में बिहार के पहले ही 36 जिले शामिल हैं।
संभवत: मापदंडों में बदलाव के बाद राज्य के लगभग सभी जिले इसमें शामिल कर दिए जाएंगे। इसका लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा, जिसके फिलहाल 34 जिले इसमें शामिल हैं।
गौरतलब है कि इस योजना में शामिल जिलों को विकास के लिए प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं। फिलहाल इस योजना में देश के 250 जिले शामिल हैं।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्रिमंडल आगामी बृहस्पतिवार को बैकवर्ड रीजन ग्रांड फंड (बीआरजीएफ) के मापदंड में बदलाव संबंधी वित्त मंत्रालय के प्रस्ताव पर विचार करेगा।
माना जा रहा है कि मापदंड को इतना लचीला बनाया जाएगा, जिससे इसके दायरे में पिछड़े जिलों की संख्या तथा योजनाओं के लिए खर्च की जाने वाली राशि बढ़ाने का मार्ग आसान हो जाए।
अगर मापदंडों में बदलाव हुआ तो इसका लाभ उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य पिछड़े राज्यों को भी मिलेगा। केंद्र के इस प्रयास को भाजपा से रार ठाने बैठे नीतीश पर डोरे डालने के रूप में भी देखा जा रहा है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक प्रस्ताव के प्रति सर्वाधिक रुचि स्वयं वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने दिखाई है। चिदंबरम ने पिछले दिनों इस संबंध में मापदंड बदलने का समर्थन कर नीतीश को सहायता देने का साफ संकेत दिया था।
विज्ञापन
मगर बाद में तय किया गया कि विशेष राज्य का दर्जा देने के बदले नीतीश से संबंध बेहतर बनाए रखने का कोई अन्य रास्ता तलाशा जाए।
इस क्रम में बीआरजीएफ के मापदंडों में बदलाव कर बिहार को अधिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। फिलहाल बीआरजीएफ में बिहार के पहले ही 36 जिले शामिल हैं।
संभवत: मापदंडों में बदलाव के बाद राज्य के लगभग सभी जिले इसमें शामिल कर दिए जाएंगे। इसका लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा, जिसके फिलहाल 34 जिले इसमें शामिल हैं।
गौरतलब है कि इस योजना में शामिल जिलों को विकास के लिए प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं। फिलहाल इस योजना में देश के 250 जिले शामिल हैं।