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चुनावी मौसम में बाबरी ढांचे के स्टिंग पर गर्मायी सियासत

Fri, 04 Apr 2014 02:12 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 04 Apr 2014 02:12 PM IST
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Babri masjid's sting is a hot controversy in today's politics

बाबरी ढांचा गिरवाने को लेकर खोजी वेबसाइट कोबरापोस्ट के एक स्टिंग से देश की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

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कोबरापोस्ट के स्टिंग में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और शिवसेना नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

स्टिंग में बताया गया है कि बाबरी ढांचा को गिराने की घटना को गुस्सैल भीड़ ने नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया। स्टिंग के अनुसार, आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और शिवसेना के नेताओं ने ढांचे को गिराने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया।

बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

Babri masjid's sting is a hot controversy in today's politics

चुनाव के महज दो दिन पहले आए इस स्टिंग को भाजपा के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस की साजिश बताया है। उन्होंने कहा, ''यह कांग्रेस की साजिश है। वे चुनाव से पहले देश का माहौल खराब करना चाहते हैं। हमने चुनाव आयोग को इसकी शिकायत कर दी है।''

नकवी ने कहा‌ कि अभी स्टिंग में जो दिखाया गया है, वो नहीं, बल्कि जिस समय पर दिखाया गया है, वो महत्वपूर्ण है।

वहीं, कांग्रेस की नेता मीम अफजल ने इस स्टिंग के बारे में कहा, ''यह 22 साल पुराना मुद्दा है और चुनाव के समय ऐसे मुद्दे उठाने से देश में सांप्रदायिक तत्वों को मजबूती मिलेगी। लोग इसे सिरे से नकार देंगे।'' उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि इस मुद्दे को भाजपा ने ही पूरे देश में उठाया था।

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जदयू और एनसीपी ने भी बोला हमला

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जद(यू) के प्रवक्ता केसी त्यागी ने स्टिंग के बहाने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब तो ये साफ हो गया है कि बाबरी ढांचे को गिराने के बारे में कांग्रेस और भाजपा दोनों को इसकी जानकारी थी।

उन्होंने कहा, ''चुनाव के समय इस मुद्दे को नहीं उठाया जाना चाहिए।''

तो वहीं, एनसीपी के नवाब मलिक ने भाजपा पर मोर्चा खोलते हुए कहा, '' चुनावी समय में इस मुद्दे को उठाना, वोटों का ध्रुवीकरण करने की साजिश है। भाजपा ही देश में सांप्रदायिक माहौल पैदा करने के लिए इस मुद्दे को सामने लाई है, क्योंकि इससे भाजपा को ही फायदा होगा।

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क्या है स्टिंग में?

Babri masjid's sting is a hot controversy in today's politics

कोबरापोस्ट के अनुसार, वेबसाइट के सहाय‌क संपादक के. आशीष ने लेखक बनकर इस मामले से संबंधित 23 लोगों से बात की, जिसके बाद ही वेबसाइट इस नतीजे पर पहुंची ‌की बाबरी ढांचे को तुड़वाना पहले से ही तय था।

वेबसाइट ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और कल्याण्‍ा सिंह, जो उत्तर प्रदेश के मुखिया थे, उन्हें इसकी जानकारी थी।

कोबरापोस्ट ने दावा किया है कि आरएसएस, वीएचपी और शिवसेना ने कार्यकर्ताओं को गुजरात और मध्य प्रदेश में प्रशिक्षण दिया।

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