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अयोध्या मामले की सुनवाई तेज करने के आदेश

Thu, 06 Dec 2012 08:19 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 06 Dec 2012 08:19 PM IST
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babri masjid demolition case sc directs expeditious hearing

सुप्रीम कोर्ट ने रायबरेली की अदालत को अयोध्या मामले की सुनवाई तेज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और उन 19 अन्य लोगों के खिलाफ मामला तेजी से आगे बढ़ाने को कहा है जिनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट ने आपराधिक षड्यंत्र के आरोप खारिज कर दिए थे।

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सीबीआई ने इस सबके के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, लेकिन उसके वकील कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इस पर अदालत ने नाराजगी व्यक्त की। साथ ही उसने रायबरेली की अदालत के लिए नए आदेश भी जारी किए।
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न्यायाधीश जस्टिस एचएल दत्तू और जस्टिस सीके प्रसाद की पीठ ने इस बीच सीबीआई को आरोपियों की सूची से बाल ठाकरे का नाम हटाने की अनुमति दे दी। ठाकरे का पिछले दिनों निधन हो गया था। पीठ ने अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल एएस चंडोक के सीबीआई का पक्ष रखने के लिए अदालत में न आने पर खिंचाई करते हुए कहा कि वे न्यायालय को ‘हल्के ढंग से’ ले रहे हैं।
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सीबीआई आडवाणी समेत जिन लोगों के नाम आपराधिक षड्यंत्र के लिए आईपीसी की धारा 120बी के तहत लाना चाहती है उनमें कल्याण सिंह, उमा भारती, सतीष प्रधान, सीआर बंसल, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, साध्वी ऋतुंभरा, वीएच डालमिया, महंत अवैद्यनाथ, आरवी वेदांती, परमहंस रामचंद्र दास, जगदीश मुनि महाराज, बीएल शर्मा, नृत्य गोपाल दास, धर्म दास, सतीश नागर और मोरेश्वर सावे शामिल हैं।


सीबीआई ने 21 मई 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने इन नेताओं के खिलाफ लगे आरोपों को हटाने के विशेष अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। वैसे हाईकोर्ट ने उस समय सीबीआई को आडवाणी और अन्य के खिलाफ राय बरेली की अदालत में विवादित ढांचा गिराने से संबंधित अन्य आरोपों को लेकर मामले जारी रखने की इजाजत दी थी।

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