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बाबरी विध्वंस: अब तय समय से दो माह पूर्व होगी सुनवाई

Tue, 03 Sep 2013 08:32 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 03 Sep 2013 08:32 PM IST
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babri case supreme court allows cbi plea

बाबरी विध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और 19 अन्य के खिलाफ सीबीआई की ओर से दायर अपील पर सुप्रीम कोर्ट निर्धारित तिथि से दो माह पहले सुनवाई करेगी।

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सर्वोच्च अदालत ने एजेंसी की ओर से जल्द सुनवाई की मांग पर अनुमति प्रदान कर दी है।

जस्टिस जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई की ओर से जल्द सुनवाई की मांग पर मंगलवार को आदेश जारी किया। पीठ ने दिसंबर में निर्धारित तिथि पर होने वाली सुनवाई को अक्तूबर के पहले सप्ताह में करने पर सहमति जता दी है।
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सीबीआई ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में आडवाणी व 19 अन्य के खिलाफ बाबरी विध्वंस मामले में साजिश का आरोप निरस्त कर दिया था।
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पीठ के समक्ष सीबीआई की ओर से पेश अधिवक्ता पीपी राव ने कहा कि मामले को सितंबर में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने का निर्देश गत सुनवाई में दिया गया था, लेकिन रजिस्ट्री के रिकॉर्ड के मुताबिक सर्वोच्च अदालत में इस मामले की सुनवाई दिसंबर में निर्धारित है।

आडवाणी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता केके वेणुगोपाल ने भी मामले पर जल्द सुनवाई किए जाने पर सहमति जताई। पिछली सुनवाई में सर्वोच्च अदालत ने एजेंसी को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ देर से अपील दायर किए जाने पर फटकार लगाई थी।


उत्तर प्रदेश पुलिस ने साजिश रचने संबंधी धारा-120बी के तहत मामला नहीं दर्ज किया था, जबकि सीबीआई ने आरोपपत्र में इस धारा का उपयोग कर यह आरोप भी लगाया था।

हाईकोर्ट ने 20 मई, 2010 के अपने आदेश में इन नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश की सीबीआई के आरोप को खारिज किया और विशेष अदालत के फैसले को जारी रखा था।

इन नेताओं में अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विनय कटियार, विष्णु हरि डालमिया, साध्वी ऋतंभरा, महंत आदित्यनाथ, उमा भारती और कल्याण सिंह का नाम भी शामिल है।

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