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किसने दी रामपाल के कमांडो को बम की ट्रेनिंग?

Thu, 20 Nov 2014 07:28 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 20 Nov 2014 07:28 PM IST
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baba rampal might has links with maoist, politician on satlok ashram

हरियाणा के हिसार में पिछले कई दिनों से चल रहा संत रामपाल का ड्रामा बुधवार की रात उनकी गिरफ्तारी के साथ ही समाप्त हो गया। लेकिन रामपाल का ड्रामा और उनका सतलोक आश्रम अपने पीछे कुछ सवाल भी छोड़ गए जिनका खुलासा होना शुरू हो गया है।

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रामपाल कौन-कौन से अपराधों में लिप्त थे? उनके किन अपराधिक संगठनों और राजनेताओं से सबंध थे? इन सवालों को लेकर लोगों में काफी चर्चा है तो इनसे जुड़ी बातें भी बाहर आने लगी हैं।
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एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, रामपाल के माओवादियों से भी लिंक होने की पुष्टि हुई है। अगस्त में बिहार एसटीएफ की मदद से हरियाणा पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई(माओवादी) के एक सब-एरिया कमांडर महावीर सकलानी को गुड़गांव से गिरफ्तार किया था। सकलानी पहले सतलोक आश्रम में ही रहता था।
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सकलानी बरवाला में स्थित रामपाल के सतलोक आश्रम के पहले नेपाल सीमा के आस-पास छुपा था जो बाद में बरवाला के इस आश्रम आकर रहने लगा था। गौरतलब है कि पुलिस को महावीर सकलानी की मदद से आश्रम की बनावट और उसके सुरक्षा इंतजामों की जानकारी मिली थी।

इसके अलावा सतलोक आश्रम से हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की भी ना लिया जा रहा जिसके बारे में अगले पेज में पढ़ेंगे।

संत के कमांडो को मिली माओवादी ट्रेनिंग

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पुलिस के अनुसार संत रामपाल को गिरफ्तार करने के लिए उसके आश्रम की सुरक्षा व्यवस्‍था को समझना जरूरी था और इसकी जानकारी दी यहां रह चुके माओवादी महावीर सकलानी ने।

सकलानी ने पुलिस को आश्रम की बनावट और सुरक्षा में तैनात कमाडों के बारे में बताया जिससे पुलिस आश्रम को तोड़कर लोगों को बाहर निकालने में कामयाब रही।

आश्रम के कमाडों को हथियार चलाने, पेट्रोल बम बनाने आदि की ट्रेनिंग महावीर ने ही दी थी। इतना ही नहीं महावीर ने ही आश्रम की सुरक्षा का नक्‍शा तैयार किया किसी को भी आश्रम में प्रवेश आसान नहीं था।

वहीं रामपाल का राजनेताओं से संबध होने की बात पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी का नाम सामने आया।

क्या थे राजनेताओं के संत से संबध?

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संत रामपाल की गिरफ्तारी में देरी का एक बड़ा कारण राजनेताओं से उनके संबंध भी माने जा रहे हैं। इसी संबंध को लेकर सोशल मीडिया में यह चर्चा है राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पत्नी सतलोक आश्रम की ट्रस्टी हैं। वे संत रामपाल की भक्त भी हैं।

भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा बुधवार को एक ट्वीट के माध्यम से हुड्डा की पत्नी का नाम आश्रम से जोड़ा है। हालांकि इस तरह की बातों को अभी सच मानना मुश्किल है क्योंकि अभी तक पुलिस ने मामले की जांच पूरी नहीं की और न ही इसमें किसी राजनेता को आरोपी बनाया गया।

लेकिन इस दिशा में पुलिस जांच करती है तो कुछ बड़े नामों का बाहर आने की संभावना जरूर मानी जा रही है।

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