योग गुरु से पक्के कारोबारी बन गए हैं रामदेव, ये रहे सबूत
योग गुरु और पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक बाबा रामदेव का कारोबार बेहद तेजी के साथ बढ़ रहा है। इसका ताजा उदाहरण है एक बड़ी कंपनी के टूथपेस्ट की बिक्री में भारी गिरावट। इतना ही नहीं देश में टूथपेस्ट के कुल कारोबार में पतंजलि टूथपेस्ट की अकेले हिस्सेदारी साढ़े चार प्रतिशत तक पहुंच गई है।
रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने जब से टूथपेस्ट के धंधे में कूदी है तब से इस धंधे की बादशाह मानी जाने वाली मल्टीनेशनल कंपनियों के धंधों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कोलगेट टूथपेस्ट की बिक्री में 57 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज हुई है।
खास बात यह है कि पतंजलि आयुर्वेद तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (एफएमसीजी) में बहुत ही तेजी के साथ विस्तार कर रही है। इससे उद्योग जगत की अन्य कंपनियां हैरान हैं। पिछले पांच सालों में जहां पूरी एफएमसीजी इंडस्ट्री ने 10 से 12 प्रतिशत की दर से विकास किया है वहीं पतंजलि आयुर्वेद के कारोबार में 2013-14 में 103 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई है।
तीन साल में 453 करोड़ से हुए दो हजार करोड़
सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि पतंजलि आयुर्वेद का कारोबार 2012 में जहां कुल 453 करोड़ था वहीं यह करोबार 2015 में 2028 करोड़ से ज्यादा हो गया।
लेकिन पतंजलि को अब आशा है कि 2015-16 में उसका कारोबार 250% की दर से वृद्धि दर्ज करेगा। यानी एक साल में कंपनी कारोबार ढाई गुना बढ़कर पांच हजार करोड़ से छह हजार करोड़ तक हो जाएगा।
किसी कंपनी के ग्रोथ रेट के तहत उसके उत्पादों की बिक्री की ग्रोथ रेट और कंपनी के मुनाफे में ग्रोथ रेट देखना जरूरी होता है। पतंजलि आयुर्वेद के मुनाफे की दर को देखें तो पिछले तीन सालों में कंपनी ने टैक्स कटने के बाद करीब 20 प्रतिशत की दर से ग्रोथ दर्ज की है। खास बात यह भी है कि पतंजलि कोई एक कंपनी नहीं है बल्कि यह एक कंपनियों का समूह है।
पतंजलि के नाम से चल रही हैं 40 कंपनियां
28 जून 2015 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बिजनेस स्टैंडर्ड ने लिखा है कि मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स की वेबसाइट में पतंजलि के नाम से कम से कम 40 कंपनियों के नाम दर्ज हैं। यानी पतंजलि आयुर्वेद एक कंपनी नहीं बल्कि यह कंपनियों का समूह है जिसके तहत कई दर्जन कंपनियां काम कर रही हैं।
पतंजलि आयुर्वेद के पूरे कारोबार में जिन उत्पादों की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है वो है गाय का घी, दन्त कांति, और केश कांति हैं। माना जा रहा है कि 2016 में पतंजलि का कारोबार जब पांच से छह हजार करोड़ का होगा तब तक गाय के घी का करोबार 1200 करोड़ रुपए सालाना हो जाएगा।
इतना ही नहीं पतंजलि ग्रुप के साथ काम कर रहे फ्यूचर ग्रुप का मानना है कि मैगी को पछाड़ते हुए पतंजलि का आटा नूडल भी आगामी 20 महीनों में 1000 करोड़ से ज्यादा का करोबार करेगा।
वहीं खाद्य और सौंदर्य प्रसाधन की बिक्री साल 2015-16 में 800 करोड़ रुपए की हो जाएगी।
साल----------पतंजलि का कारोबार
2006------- स्थापना
2011-12------453 करोड़
2012-13---- 849 करोड़
2013-14-----1191 करोड़
2014-15-----2028 करोड़ रुपए
2016 में---------5000 से 6000 करोड़ हो सकता है।