रामदेव के बदले सुर, राहुल की तारीफ में पढ़े कसीदे
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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हंगामेदार टिप्पणियां कर चुके योगगुरु रामदेव के सुर बदल चुके हैं। शनिवार को एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लेकर कई ऐसे बातें कहीं, जिसकी चंद महीनों पहले उम्मीद भी नहीं की जा सकती थी।
रामदेव ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष के नेता की बहुत जरूरत होती है। विपक्ष न हो तो सत्ता निरंकुश हो जाती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को राजनीति विरासत में मिली है, उन्हें विपक्ष का नेतृत्व करना चाहिए।
रामदेव से जब ये पूछा गया कि कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ही क्यों न बनी रहें? सवाल के जवाब में रामदेव ने कहा कि सोनिया गांधी की तबीयत ठीक नहीं रहती है। उन्होंने अपने सामने ही राहुल को नेतृत्व के लिए तैयार कर लिया है, इसलिए उन्हें नेतृत्व सौंप देना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनावों के दौरान रामदेव ने कहा था कि राहुल गांधी दलितों के घर हनीमून मनाने जाते हैं, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था। बयान के बाद रामदेव के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी।
मोदी सरकार के कामकाज पर उठाया सवाल
अपने बदले सुर की सफाई में रामदेव ने कहा कि युद्घ की भाषा कुछ और होती है, और शांति की कुछ और। चुनाव एक प्रकार युद्घ था, इसलिए उस समय वैसी भाषा का प्रयोग किया।
मोदी सरकार के कामकाज पर बात करते हुए रामदेव ने कहा कि सरकार की नीतियों से किसानों को नुकसान हुआ तो उसे भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने बाबा रामदेव को राज्य का ब्रांड अंबेस्डर नियुक्त किया है। हरियाणा में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया है। लोकसभा चुनावों में रामदेव ने नरेंद्र मोदी के पक्ष में जमकर प्रचार-प्रसार किया था।
केंद्र में आने के बाद भाजपा सरकार रामदेव पर मेहरबान भी रही है। केंद्र ने पिछले साल जेड सुरक्षा भी प्रदान की थी।