फांसी से बौखलाया दाऊद, करा सकता है बड़ा हमला
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नागपुर सेंट्रल जेल में याकूब मेमन को फांसी दिए जाने के चलते अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम मुंबई में बड़े हमले करा सकता है। खुफिया ब्यूरो (आईबी) ने यह जानकारी पुलिस को दी है।
आईबी का एलर्ट मिलने के बाद पुलिस चौकन्नी हो गई और शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन भर मुंबई के चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया गया था।
मुंबई के माहिम इलाके में, खासकर जहां याकूब मेमन का परिवार रहता है, वहां 500 पुलिस के जवान तैनात किए गए थे जबकि माहिम से लेकर मरीन ड्राइव तक कर्फ्यू जैसे हालात थे। मुंबई पुलिस आयुक्त राकेश मारिया सुबह ही माहिम पहुंच गए थे।
400 लोग पहले किए गए थे गिरफ्तार
याकूब मेमन का शव माहिम के अल हुसैनी इमारत लाए जाने से पहले ही मुंबई
पुलिस आयुक्त राकेश मारिया 13 एसीपी, 5 डीएसपी, चार अतिरिक्त पुलिस
आयुक्त, चार संयुक्त पुलिस आयुक्त के साथ खुद मौजूद थे।
याकूब मेमन का शव
दोपहर में सांताक्रुज हवाई अड्डे पर पहुंचा। वहां से उसके शव को माहिम
स्थित उसकीअल हुसैनी बिल्डिंग ले जाया गया। इस दौरान पुलिस का भारी
बंदोबस्त था। रास्ते में जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए थे और सड़कों के किनारे
लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी।
पुलिस ने करीब 400 लोगों को एहतियातन पहले
ही गिरफ्तार कर लिया था। सुरक्षा के इंतजाम में कोई कसर बाकी नहीं रखी गई
थी। मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद तैयार की गई जवानों की क्विक
रिस्पांस टीम भी तैनात थी।
तैनात किए गए थे कमांडो
मेमन परिवार के निवास स्थान अल हुसैनी इमारत के
आसपास इस टीम के कमांडो तैनात किए गए थे। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स के
जवान और दंगा नियंत्रण दस्ते को भी ड्यूटी पर लगाया गया था।
करीब तीन हजार
जवानों का यह सुरक्षा घेरा माहिम से लेकर मरीन ड्राइव के बड़ा कब्रिस्तान
तक था, जहां याकूब को दफनाया गया। मुंबई में कड़ी सुरक्षा को लेकर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार देर रात ही समीक्षा बैठक की थी।
उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर हर उपाय करने का निर्देश दिया था।
मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील भी
की थी।