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मुलायम, अखिलेश के साथ आजम का नाम नहीं!

Wed, 12 Feb 2014 01:17 AM IST
Updated Wed, 12 Feb 2014 01:17 AM IST
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यूपी के सहारनपुर में शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास का पत्थर पार्टी दिग्गजों के दिलों के बीच दूरियां बढ़ा गया।

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मंगलवार लोकार्पण के समय यह तस्वीर दिखी तो सभी अचंभित रह गये। रात में ही बदले गए शिलान्यास पत्थर पर नाम लिखवाने को लेकर सियासी घमासान मचा रहा।

सबसे बड़ा सवाल यह था कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के नाम के साथ किसका नाम लिखा जाए।

मुलायम, अखिलेश के साथ आशु मलिक का नाम

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जानकार सूत्रों की माने तो पहले कैबिनेट मंत्री आजम खान का नाम लिखा जाना था, लेकिन सपा प्रमुख के एक करीबी ने अपना नाम लिखवाने के प्रयास किए। स्थिति विकट हो गई।

सोमवार तक स्थिति साफ नहीं हुई तो शिलान्यास पट को बदलवाया गया। मंगलवार को इस पर सीएम, सपा प्रमुख के अलावा दर्जा प्राप्त मंत्री आशु मलिक का नाम सामने आया।

माना जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री आजम खान इसी वजह से शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। सपा कार्यकर्ताओं को पूरा दिन यह बात अचंभित करती रही।

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आजम ने नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना

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सहारनपुर में शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के बाद हुए जलसा-ए-आम में कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान ने भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार पर जमकर निशाना साधा।

नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर आजम ने कहा कि हिंदुस्तान की गद्दी पर ऐसे व्यक्ति को न बैठने दें, जिसके हाथ बच्चों के खून से रंगे हों।

रैली में सपा प्रमुख और मुख्यमंत्री के पहुंचने के करीब 20 मिनट बाद आजम खान मंच पर पहुंचे।

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मुजफ्फरनगर नहीं जाने पर आजम की सफाई

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उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगे के पीछे सांप्रदायिक ताकतों का हाथ बताते हुए कहा, हुकूमत मारे गए बेगुनाहों के दुख में शरीक है। हम सफाई देते हैं तो एक तबका कुछ सुनने को तैयार नहीं होता।

उन्होंने कहा कि मुल्क आज नाजुक दौर से गुजर रहा है। मुलायम सिंह और मौलाना अरशद मदनी का एक मंच पर आना आने वाले वक्त में नई तस्वीर पेश करेगा।

दंगे के बाद मुजफ्फरनगर नहीं जाने पर उन्होंने सफाई पेश की कि उनके बिना जाए सुप्रीम कोर्ट से सात नोटिस मिले, जाता तो न जाने क्या-क्या आरोप लगते।

मुसलमानों को आजम ने चेताया

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आजम ने मुसलिमों से एक-एक बच्चे को तालीम दिलाने का आह्वान किया।

आजम ने कहा कि सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा है कि मुसलमानों को बांट दोगे तो देश पर आरएसएस का कब्जा हो जाएगा।

उन्होंने मोदी को खूनी करार देते हुए दिल्ली की गद्दी पर नहीं बैठने देने का आह्वान किया और यह कहकर चेताया कि मुसलमान शक्कर के दाने नहीं कि जो घोलकर पी जाओगे।

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