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गुजरात का कातिल महात्मा नहीं बन सकता: आजम

Fri, 07 Nov 2014 04:10 PM IST
शशांक मिश्र, ब्यूरो/अमर उजाला, देवबंद (सहारनपुर)
शशांक मिश्र, ब्यूरो/अमर उजाला, देवबंद (सहारनपुर) Updated Fri, 07 Nov 2014 04:10 PM IST
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Azam Khan Hate Statement on Narendra Modi

देवबंद में उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को नगर विकास मंत्री आजम खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महंत आदित्य नाथ सहित भाजपा और आरएसएस पर जमकर सियासी हमला बोला। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए आजम ने कहा कि हाथ में झाड़ू और दाढ़ी रखने से कोई महात्मा गांधी नहीं हो सकता। गुजरात का कातिल महात्मा नहीं बन सकता। घर तब बंटता है जब दिल बंटता है। नफरत की आंच से सिकाई मत करो। महंत आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि गोरखपुर के महंत ने मेरी तुलना एक पक्षी से की है। यदि फोटो मिलाओगे तो पक्षी का चेहरा महंत से मिलता है। साक्षी महाराज पर भी शब्द बाण चलाए और कहा न सल्तनत, न सिपाही, मगर नाम के आगे महाराज वाले बलात्कार के आरोपी हैं।

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नगर विकास मंत्री ने जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज देवबंद में उर्दू अकादमी की ओर से प्रदेश के बीयूएमएम छात्रों के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि सीबीआई की अदालत में आरोपी संसद पहुंच गए हैं। सबसे बड़ी अदालत से सजा पा चुके गर्वनर की कुर्सी पर बैठ गए। मुजफ्फरनगर का लंबे कद वाला हत्यारा भी देश की बड़ी पंचायत में बैठा है। सियासत के कदम ओझे और छोटे हो गए हैं। इससे देश की दूसरी बड़ी आबादी निराश है। पुणे में इंजीनियर की हत्या पर आजम ने कहा कि उसका दोष केवल इतना था कि वह इंजीनियर था और चेहरे पर दाढ़ी थी। उन्होंने कहा कि फिरकापरस्त कहते हैं कि हिंदू त्योहारों पर मुसलमानों को मत बुलाओ।
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केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए आजम खान ने कहा कि बादशाह का मोहल्ला जल रहा हो और लोग मर रहे हों वह बादशाह सुरक्षित नहीं है। बहुत से लोग उससे नाराज हैं, बादशाह यह समझे उसका महल महफूज नहीं है। तारीखों को मत दोहराओ। फिर बोले, जो दिल्ली को इंसाफ नहीं दे सकता, वह 125 करोड़ की आबादी को क्या इंसाफ देगा। दिल्ली आज भी जल रही है और वहां तनाव है। मुजफ्फरनगर दंगों में खुद को पाक साफ करार देते हुए आजम ने कहा कि किसी भी एजेंसी से जांच करा लो। टीवी चेनल्स ने बिना तथ्यों के मुझे गुनहगार बना दिया। मीडिया ने मुजफ्फरनगर का आधा सच दिखाया।
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नगर विकास मंत्री ने पूरे भाषण में नाम लिए बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सांसद महंत आदित्य नाथ, साक्षी महाराज और शिया धर्म गुरु कल्बे सादिक पर निशाना साधा। इससे पहले सुबह करीब 10 बजे नगर विकास मंत्री देवबंद पहुंचे। वहां से नवाज गर्ल्स कॉलेज के कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद सम्मान समारोह में गए।

सियासी जुबान से चलाए ‘शब्दबाण’

Azam Khan Hate Statement on Narendra Modi

सियासी जुबान के माहिर खिलाड़ी नगर विकास मंत्री आजम खान ने बृहस्पतिवार को एक-एक कर विरोधियों पर चुन-चुनकर हमला किया। एक घंटे के भाषण में उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, मगर शब्दों का ऐसा बाण फेंका कि सुनने वाला हर एक के बारे में खूब समझता गया। लोकसभा चुनाव में दरकी जमीन को भी आजम अपने दर्द भरे भाषण से मजबूत करने में जुटे दिखे।

यूनानी पद्धति के डॉक्टरों के बीच बोलते हुए आजम खान ने बेहद सधी और नपी तुली भाषा में विरोधियों पर हमले किए। तीखे तेवरों में आजम ने प्रधानमंत्री की मंशा और कामों पर सवाल उठाया। महंत आदित्यनाथ और साक्षी महाराज पर हमलावर हुए। साक्षी महाराज का जिक्र किया और राज्यसभा की खैरात मिलने पर मुलायम सिंह के कहने पर बाबरी मस्जिद वाली बात का जिक्र छेड़ी। हुकुम सिंह, संगीत सोम और सुरेश राणा का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्हें मुजफ्फरनगर का हत्यारा करार दिया। शिया गुरु कल्वे सादिक को भी उर्दू अकादमी के मंच से ललकारा। जेल की बातें और मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय का जिक्र छेड़कर दर्द उभारा और फिर सहानुभूति भी लूटी।

बता दें कि चुनाव के बाद यह पहला मौका था जब आजम खान सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में किसी सभा में थे। यह बात भी साफ थी कि उस कार्यक्रम में समाज का एक पढ़ा लिखा तबका और हाकिम तलबा मौजूद था। यह बात भी आजम में जेहन में थी। यही कारण है कि देश के बंटवारे का दर्द उभारा और सांप्रदायिक एकता की बात की। पीएम आदि को फिराकपरस्ती के जरिए घेरने की कोशिश की। ऐसे में साफ है कि आजम पश्चिमी यूपी में दरक चुकी जमीन को फिर बनाने में जुटे हैं।

टेंशन में थे ‘शागिर्द’
सम्मान समारोह और आजम खान की तारीफों के पुल से उनके शागिर्द जरूर टेंशन में हैं। जिले में कई ऐसे बिना जनाधार वाले नेता है, जो आजम के नाम पर ही अधिकारियों के बीच रौब गालिब करते हैं। बृहस्पतिवार को हुए कार्यक्रम में आजम खान ने ऐसे शागिर्दो से दूरी बनाए रखी और मंच से उनका नाम तक नहीं लिया। उधर, पहले राजेंद्र राणा ने आजम खान को अपना भगवान करार दिया। फिर उर्दू अकादमी के चेयरमैन डा. नवाज देवबंदी ने उनकी जमकर तारिफ की। अपना नंबर आने पर आजम ने भी डा. देवबंदी की तारिफ में चार चांद लगाए। इस पूरी कवायद से आजम के शार्गिदों की टेंशन बढ़नी तय है।

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