EXCLUSIVE: आजम खान ने फोड़ा चिट्ठी बम
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उत्तर प्रदेश सरकार के संसदीय कार्य और नगर विकास मंत्री आजम खान ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को सेस वसूली का नोटिस भेजने पर श्रम विभाग से जवाब तलब किया है। सेस की यह राशि करोड़ों में है। 25 मार्च को प्रमुख सचिव श्रम के पास पहुंची मंत्री जी की इस चिट्ठी से श्रम विभाग के बड़े से लेकर छोटे अफसर तक सहमे हैं। हालांकि कोई भी इस मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
श्रम विभाग ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर कई करोड़ रुपये के सेस वसूली की बकाएदारी निकाल कर पिछले महीने नोटिस भेजा था। नोटिस क्षेत्रीय कार्यालय मुरादाबाद की ओर से भेजी गई थी। इसमें विश्वविद्यालय की कीमत कई हजार करोड़ रुपये बताई गई थी, नोटिस के एवज में विश्वविद्यालय ने सेस नहीं जमा कराया।
इसके अलावा आजम खान ने पूरे मसले की जानकारी 4 मार्च को पत्र लिखकर सीएम को भी दे दी। अब आजम खान ने प्रमुख सचिव श्रम को पत्र भेजकर बिंदुवार जानकारी मांगी है।
चिट्ठी में बिंदुवार यह बताने के लिए कहा है
-विश्वविद्यालय में सेस लगाए जाने के नियम क्या हैं
-इमारत और विश्वविद्यालय की कीमत तय करने का आधार क्या है
-विश्वविद्यालय की कीमत कहां से प्रमाणित की गई, इसका श्रोत क्या था
-कीमत तय करने में श्रम विभाग की कितनी भूमिका है
-विभाग की ओर से जारी किए गए नोटिस की स्थिति क्या है
-अधिकारों के दृष्टिकोण से विभाग का अगला क्या कदम हो सकता है
-विश्वविद्यालय की नीलामी की तारीख
सेस वसूली का यह है नियम
उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण अधिनियम के तहत 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य की किसी भी प्रकार की संपत्ति चाहे वह निजी हो या सरकारी उसके निर्माण पर एक प्रतिशत सेस श्रम विभाग वसूलता है। सेस वसूली की राशि का उपयोग भवन एवं सन्निर्माण बोर्ड के तहत चलाई जा रही 14 योजनाओं पर खर्च किया जाता है। इन योजनाओं में सरकार की महत्वपूर्ण साइकिल वितरण योजना भी शामिल है।