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'श्रीराम होते तो दादरी में नहीं जाती बेगुनाह की जान'

Mon, 26 Oct 2015 08:23 AM IST
Updated Mon, 26 Oct 2015 08:23 AM IST
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azam khan again attack on communal violence

उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने श्रीराम को जीवन में उतारने की अपील करते हुए कहा कि लोग श्रीराम को भूल गए हैं। अगर श्रीराम होते तो दादरी में एक गुमान की बुनियाद पर बेगुनाह की जान नहीं जाती।

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अगर श्रीराम होते तो कोई मस्जिद नहीं गिराई जाती। लव जेहाद के नाम पर लोगों में नफ़रत पैदा नहीं होती। श्रीराम को तो हमने भुला दिया है। श्रीराम को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। नफरत से देश तरक्की नहीं करेगा।
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आजम खां रविवार को टीपू सुल्तान मार्केट के उद्घाटन पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यूएनओ को पत्र भेजे जाने पर खड़े हुए विवाद पर कहा कि बच्चों के हितों के लिए यूएनओ जाने पर कैलाश सत्यार्थी को नोबेल पुरस्कार मिलता है। जब दादरी में एक बेगुनाह की जान जाने पर हम यूएनओ को पत्र भेजते हैं तो भूचाल क्यों आ जाता है?
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हम पर देशद्रोही और गद्दार होने के लांछन लगाए जाते हैं। पाकिस्तान जाने की सलाह दी जाती है। हमने रामपुर में स्कूल, कालेज, विवि, बाजार, सड़कें क्या पाकिस्तान ले जाने के लिए बनवाई हैं? देश की छवि को दुनिया की नजर में खराब किया जा रहा है।

'मन की बात करने से काम नहीं चलेगा'

azam khan again attack on communal violence

प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वो अमेरिका में देश के लिए अमर्यादित शब्द कहते हैं तो अखबार ताज देखने आने वाले सैलानियों की संख्या कम होने की खबर छापते हैं। आजम ने कहा कि सैलानी क्यों कम हो रहे हैं। ये किसी ने नहीं सोचा। भारत की छवि बलात्कारी देश के रूप में बन रही है तो कैसे विदेशी सैलानी आएंगे।

मन की बात करने से काम नहीं चलेगा, मन की बात सुननी भी होगी। दाल-सब्जी महंगी हो रही हैं। बीफ पर हो रही बयानबाजी पर कहा कि सिर्फ गोमाता ही नहीं, बल्कि सभी गोवंशीय पशुओं की बिक्री और मांस पर रोक लगनी चाहिए।

मृत गोवंशीय पशुओं के लिए कब्रिस्तान हों। गोमाता कहते हैं तो फिर सड़क पर क्यों छोड़ देते हैं। सांप्रदायिक दंगों से बिगड़ रहे माहौल पर कहा कि देश के हालात अच्छे नहीं हैं, सुलगते हुए हैं। कहा कि हम मोबाइल या लैपटाप की मुखालफत नहीं करते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल समाज को बर्बाद करने वाली चीजों के लिए नहीं होना चाहिए।

चाकू बाजार के नाम से जाना जाता था टीपू सुल्तान मार्केट

azam khan again attack on communal violence

नगर विकास मंत्री आजम खां ने रविवार को पालिका की ओर से नगर में बनाई टीपू सुल्तान मार्केट का उद्घाटन किया। मार्केट का भ्रमण कर निरीक्षण भी किया। आजम खां ने कहा कि पहले ये क्षेत्र पटला या चाकू बाजार से जाना जाता था। आज हमने इसे मार्केट बनाने के साथ ही रोजगार दिया है।

मार्केट में दुकानों का आवंटन लाटरी के माध्यम से किया जाएगा। कहा कि टीपू सुल्तान की तलवार की विश्व में पहचान है, इसलिए इसे टीपू सुल्तान मार्केट नाम दिया। महात्मा गांधी शॉपिंग मॉल के लिए कहा कि गेट का रास्ता चौड़ा होते ही उसे भी शुरू कर दिया जाएगा। शनिवार को बी अम्मा मार्केट के उद्घाटन का भी ऐलान किया।

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