मोदी की सुनामी में ढहा आजम खान का किला
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यह मोदी की ही लहर थी कि अल्पसंख्यक बहुल मानी जाने वाली रामपुर शहर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी मजबूत हो गई है। शहर सीट पर कभी भी भाजपा ने 61223 वोट हासिल नहीं किए।
भाजपा ने इस दफा कई और दलों के वोट बैंक में सेंध लगाकर अपना वोट बढ़ाया है। मालूम हे कि शहर सीट से प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री आजम खान विधायक हैं और उनका यहां पर दबदबा भी है।
मोदी की सुनामी के आगे किसी भी दल की नहीं चली। भाजपा ने इस बार यहां से पांच बार के एमएलसी डा. नैपाल सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था।
मोदी की सुनामी के साथ जातिवाद हावी
रामपुर के लिए यह नाम भले ही नया न रहा हो, लेकिन आम वोटरों तक उनकी पहुंच कम ही थी। फिर भी मोदी की सुनामी के साथ जातिवाद के आंकड़े काफी हावी रहे। नतीजा यह हुआ कि बिना किसी ताम-झाम के चुनाव लड़े भाजपा प्रत्याशी ने मतगणना के आखिरी दौर में चौके-छक्के लगाकर जीत हासिल कर ली।
भारतीय जनता पार्टी को शहर विधानसभा सीट पर 61223 वोट मिले, जोकि कई राजनीतिक दलों को चौंका रहे हैं। क्योंकि यहां पर भाजपा का वोट बैंक कभी इतना रहा ही नहीं। शहर विधानसभा सीट अल्पसंख्यक बहुल सीट मानी जाती है। इसलिए यहां कांग्रेस और सपा का वोट बैंक काफी माना जाता है। भाजपा को इतना वोट मिलने से खुद भी भाजपा खेमे में भी हैरत है।
शहरी क्षेत्र के चंद बूथों को छोड़ दिया जाए तो पूरी सीट पर अधिकतर बूथों पर कमल को खिलने से कोई रोक नहीं पाया। हिंदू बहुल इलाके हो या फिर दलित बस्तियां। हर स्थान पर वोटों की बारिश खूब हुई है। भाजपा ने इस दफा बसपा के वोट बैंक में भी सेंध लगा दी। शहर में बसपा को सिर्फ पांच हजार वोट ही मिले, जबकि दूसरे चुनावों में बसपा की स्थिति इससे बेहतर रही है।
अब दिल्ली की सियासत पर टिकी नजर
मोदी की सुनामी में रामपुर में 16 बाद कमल का फूल खिला तो अब मोदी सरकार में रामपुर से भी नेतृत्व मिलने की उम्मीद कायम हो चली है। 2014 के ताजा परिणाम आने के बाद भले ही डा. नैपाल सिंह को जीत मिल गई हो, लेकिन इसका फायदा मिलने की उम्मीद नकवी को भी जताई जा रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार में नकवी या फिर नैपाल में किसी एक को अहम भूमिका मिल सकती है। यदि ऐसा हुआ तो रामपुर की सियासत में एक और ऐतिहासिक क्षण आ जाएगा। फिलहाल तो भाजपाइयों की नजर दिल्ली की सियासत पर टिक गई है।