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जब अमेरिकियों ने बचाई गांधी की दुकान बंद होने से

Fri, 31 Oct 2014 01:51 PM IST
Updated Fri, 31 Oct 2014 01:51 PM IST
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avi gandhi lavittown newyork

न्यूयॉर्क के लवीटाउन में रहते हैं अवि गांधी। भारतीय मूल के अवि यहां पर अपनी दुकान चलाते हैं। वे पिछले 10 साल से यहां अपना कारोबार कर रहे हैं। इलाके के लोग अवि के व्यवहार से बेहद प्रभावित हैं और उन्हें काफी पसंद करते हैं।

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63 साल के अवि का धंधा पिछले कुछ वक्त से काफी मंदा था। लोग बड़े स्टोर्स और मॉल से सामान खरीदते थे और अवि का कारोबार मंदा होता जा रहा था। फिर एक दिन उन्होंने दुकान को बंद कर देने की घोषणा की।
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एबीसी न्यूज़ से बात करते हुए उन्होंने बताया कि,"अर्थव्यवस्था की चोट मुझ पर पड़ रही थी। मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि ये क्या हो रहा है और मैं क्या करूं। बिजनेस पांच साल में 75 प्रतिशत नीचे आ गया था।"

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सोशल मीडिया से मिली मदद

avi gandhi lavittown newyork

क्रेग और हेमिल्टन डेनिस नहीं चाहते थे कि अवि ऐसा करें। दोनों उनके पुराने ग्राहक भी हैं और दोस्त भी। इन दोनों ने गांधी की मदद के लिए 'कैश मोब' नाम का कार्यक्रम शुरु किया।

इस कार्यक्रम का मकसद था गांधी की दुकान पर भीड़ बढ़ाना। इसके लिए इन दोनों ने सोशल मीडिया की मदद ली। एक शॉर्ट फिल्म बनाई और यूट्यूब पर अपलोड कर दी।

साथ ही फेसबुक पर पेज बनाया और एक ट्विटर हैंडल भी। उन्हें उम्मीद थी कि इसके जरिए वे ग्राहकों को आकर्षित कर पाएंगे। इसके बाद जो हुआ उसकी उम्मीद तो किसी को भी नहीं थी।

अब दुकान बंद नहीं करेंगे गांधी

avi gandhi lavittown newyork

हफिंटन पोस्ट को लिए एक ईमेल में शॉर्ट फिल्म बनाने वाली लिज मॉरिसन ने बताया कि,"अवि को जब ये बातें पता चलीं तो वो चौंक गए। उनका कहना है कि ये केवल उनका सम्मान नहीं है बल्कि हर उस छोटे व्यापारी का सम्मान है जो अपने व्यापार के लिए मेहनत करता है।"

लोगों ने फेसबुक पर इवेंट क्रिएट किया और इसके बारे में गांधी को नहीं बताया। जब कैश मोब शुरू हुआ तो अवि गांधी चकरा गए। उन्हें समझ ही नहीं आया कि उनके साथ ये हो क्या रहा है।

जब उन्हें पता चला कि ये क्या हो रहा है और लोगों ने किस तरह उनकी मदद की है तो वो बाहर आए और सभी सम्मानित ग्राहकों का धन्यवाद किया। वो भावविभोर हो गए और लोगों से वायदा किया कि वो अपनी दुकान बंद नहीं करेंगे।

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