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3600 करोड़ की हेलिकॉप्टर डील रद्द!

Wed, 01 Jan 2014 10:20 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 01 Jan 2014 10:20 PM IST
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augustawestland vvip helicoptor deal cancels

भारत ने अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी के साथ वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की डील आखिरकार रद्द कर दी।

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3546 करोड़ रुपये के इस सौदे में 360 करोड़ रुपये की दलाली के आरोप सामने आने के एक साल बाद सरकार ने बुधवार को यह सख्त फैसला किया।

मामले की जांच के दौरान घूसखोरी के मिल रहे ठोस सबूतों के मद्देनजर सरकार को पूरी डील रद्द करने का कदम उठाना पड़ा है।

इटली व इंग्लैंड की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के साथ भारत सरकार ने फरवरी 2010 में 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए सौदा किया था।

भारत में राजनीतिक तूफान खड़ा कर देने वाले इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने एफआईआर में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और उनके तीन भाइयों को मुख्य आरोपी बनाया है।

इटली की अदालत में भी वहां के कानून के तहत इस सौदे के दलालों पर मुकदमा चल रहा है। भारत ने डील रद्द करने के साथ ही अगस्ता वेस्टलैंड से कानूनी अखाडे़ में लड़ने के लिए जस्टिस बीपी जीवन रेड्डी को अपनी ओर से आर्बिट्रेटर नियुक्त कर दिया है।
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राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अति विशिष्ट व्यक्तियों के भ्रमण के लिए यह 12 हेलीकॉप्टर खरीदे जा रहे थे। इनमें तीन हेलीकॉप्टर भारत को मिल चुके हैं। भारत ने पूरी डील का 40 फीसदी का भुगतान भी कर दिया है।
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यह डील उस वक्त रद्द हुई है जब भारतीय एजेंसियां मामले के तीन दलालों में सबसे अहम गुइडो राल्फ हैश्के से इटली में पूछताछ करने वाली हैं।

6 जनवरी को होने वाली इस पूछताछ में हैश्के के उन लोगों का ब्योरा मांगा जाएगा जिन्हें घूस की रकम पहुंचाई गई या पहुंचाई जाने वाली थी।

सीबीआई की अब तक की जांच के मुताबिक त्यागी और उनके भाइयों के पास विदेशी रकम पहुंचाने के लिए मोहाली स्थित कंपनी आईडीएस इंफोटेक और चंडीगढ़ की कंपनी एयरोमैट्र्क्सि इंफो साल्युशन प्रा लि. कंपनी की मदद ली गई थी। आरोप है कि डील पास कराने के लिए त्यागी ने हेलीकॉप्टर के मापदंडों में फेरबदल किया था।

करीब साल भर पहले राजनीतिक तौर पर मामले के तूल पकड़ने के बाद रक्षा मंत्रालय ने एटार्नी जनरल से राय मांगी थी। एटार्नी के मुताबिक अगस्ता वेस्टलैंड ने इस सौदे की विश्वसनीयता के उपबंध का खुला उल्लंघन किया है।

कोड नेम से तैयार की थी सूची
हैश्के ने दूसरे दलालों के साथ मिलकर डील पर हस्ताक्षर होने से पहले एक सूची तैयार की थी जिसमें उन लोगों के कोड नाम थे, जिन्हें भारत में घूस की रकम दी जानी थी।

इस सूची में अंग्रेजी अक्षर के पीओएल और एफएएम यानी पॉलिटीशियन व फैमिली जैसे नाम लिखे गए हैं। पीओएल के आगे एपी लिखा गया है जिसे 30 लाख यूरो दिए जाने की योजना थी।


इसी तरह एफएएम यानी फैमिली को करीब 15 करोड़ यूरो दिए जाने की बात लिखी गई है। इटली सरकार ने यह सूची वहां की अदालत में पेश की है।

क्या रकम मिलेगी वापस

तीन हेलीकॉप्टर भारत को मिल चुके हैं, 40 फीसदी रकम का भुगतान कर चुका है भारत। कानूनी प्रक्रिया के चलते 3 हेलीकाप्टरों की वापसी और भारतीय रकम का कंपनी से आना मुमकिन नहीं लगता।

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