पंचायत का फैसलाः बच्ची से गैंगरेप के प्रयास की कीमत दस हजार!
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क्षेत्र के एक गांव में बृहस्पतिवार को 10 वर्ष की दलित लड़की से दूसरे समुदाय के चार युवकों ने दुराचार का प्रयास किया। एक बुजुर्ग ने लड़की को बचाया। मामले की शिकायत पुलिस से करने की तैयारी थी लेकिन प्रधान ने अपने घर पंचायत बुलाकर दस हजार रुपए में मामला रफा दफा करवा दिया।
आरोपियों के माफी मांग लेने और तय रुपये मिल जाने के बाद पीड़ित बच्ची की मां ने कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया वालों को ही धमकी दी कि खबर किसी भी रूप में छपी तो रेप के झूठे केस में फंसा देगी। पीड़ित बच्ची का पिता दूसरे प्रदेश में मजदूरी करता है।
क्षेत्र के एक गांव की 10 वर्षीय लड़की अपनी चचेरी बहन के साथ बृहस्पतिवार को बथुआ बीनने गई थी। इस बीच पड़ोस के गांव के दूसरे समुदाय के छह युवक मौके पर पहुंचे। दो युवक दूर खड़े रहे और चार युवकों ने लड़की से गन्ने के खेत में चलने को कहा। मना करने पर आरोपियों ने लड़की को जबरिया उठाकर गन्ने के खेत में ले जाने का प्रयास किया।
यह देखकर लड़की की चचेरी बहन मौके से भाग निकली और गांव पहुंचकर आरोपियों के चुंगल में फंसी लड़की की मां को पूरी जानकारी दी।
मां ने भी समझौता कर लिया
उधर, खेत में फंसी लड़की ने युवकों का भरपूर विरोध करते हुए शोर मचाया तो उसके साथ मारपीट की गई और अभद्रता की गई। इस बीच खेत के पास के रास्ते से गुजर रहे एक बुजुर्ग ने लड़की को ले जाने का प्रयास कर रहे युवकों को ललकारा तो वह मौके से भाग निकले। इस बीच लड़की की मां भी कई ग्रामीणों के साथ मौके पर आ पहुंची और लड़की को घर ले आई।
शुक्रवार को मामले की तहरीर पुलिस को देने की तैयारी थी। इसकी जानकारी आरोपी युवकों के परिवारवालों को हुई तो उन्होंने लड़की के गांव के प्रधान से संपर्क किया।
शुक्रवार को प्रधान के घर हुई पंचायत में लड़की की मां को दस हजार रुपए देकर चुप रहने के लिए मना लिया गया। खुटार के एसओ जसवीर सिंह ने कहा कि ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। तहरीर मिलेगी तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।