मुजफ्फरनगर: तिहरे हत्याकांड के बाद फिर हमला, तनाव
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मुजफ्फरनगर के बहादुरपुर में तिहरे हत्याकांड से सहमे लोग अभी दहशत से निकल भी नहीं पाए कि उसी क्षेत्र में फिर तीन लोगों पर जानलेवा हमला किया गया। सिखेड़ा-भंडूर मार्ग पर एक युवक को खेत में खींचने की कोशिश की गई। किसी तरह छूटकर भागे युवक ने भंडूर पहुंचकर घटना की जानकारी दी। लोगों ने मौके पर पहुंचकर संदिग्धों की तलाश की, लेकिन वह भाग निकले।
उधर, रविवार रात महालक्ष्मी पेपर मिल मार्ग पर दो मजदूरों को बाग में खींचने और हमले की कोशिश की। घटना के बाद से इलाके में तनाव है।
बहादुरपुर थाना क्षेत्र के गांव बेहड़ा आस्सा निवासी राकेश मखियाली स्थित फैक्ट्री में काम करता है। सोमवार शाम करीब छह बजे वह साइकिल से फैक्ट्री जा रहा था। जैसे ही राकेश कुछ दूर पहुंचा, खेत से निकले पांच-छह लोगों ने उसे पकड़कर मारपीट करते हुए खेत में खींचने की कोशिश की।
छीनाझपटी में राकेश के कपड़े भी फट गए, लेकिन वह किसी तरह छूटकर शोर मचाता हुए भाग निकला। राकेश ने गांव भंडूर पहुंचकर लोगों के साथ ही परिजनों को भी फोन कर घटना की जानकारी दी। इस पर दोनों गांवों के लोग हथियार लेकर फायरिंग करते हुए घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। सूचना पर पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर संदिग्धों की तलाश की, लेकिन उनका सुराग नहीं लगा।
60 घंटे बाद भी कातिलों का सुराग नहीं
सिखेड़ा क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में तीन लोगों की निर्मम हत्या के 60 घंटे बाद भी कातिलों का सुराग नहीं लग पाया है। वारदात के खुलासे में लगाई गई एसटीएफ भी जहां अब तक अंधेरे में हैं, वहीं खुफिया टीमें और मोबाइल सर्विलांस भी फेल हो गए हैं। आलम यह कि तमाम कवायद के बावजूद पुलिस-प्रशासन अब तक जघन्य वारदात की वजह तक नहीं तलाश पाया है।
सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में शनिवार रात कातिलों ने तीन बेकसूरों सुंदर, सुरेंद्र और कुंवरपाल की निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के विरोध में लोगों ने पानीपत-खटीमा मार्ग पर जाम लगाते हुए जमकर हंगामा-प्रदर्शन किया था।
वारदात के खुलासे के लिए पांच टीमों का गठन करने के साथ ही एसटीएफ को भी जांच में लगाया गया था। इसके बावजूद सनसनीखेज वारदात के 60 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं।