'दादरी' महज दुर्घटना नहीं थी: अल्पसंख्यक आयोग
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दादरी हत्याकांड में अल्पसंख्यक आयोग की फैक्ट फाइडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कुछ नए तथ्य पेश किए हैं। आयोग की तरफ से गठित की गई एक टीम ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद ये तथ्य जुटाए हैं।
तथ्यों के आधार पर अल्पसंख्यक आयोग ने कहा है कि दादरी हत्याकांड किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं थी, बल्कि इस घटना में पहले से ही कुछ योजना बनाई गई थी। पिछले महीने दादरी के बिसहाड़ा गांव में अखलाख नाम के एक शख्स की बीफ खाने की अफवाह के चलते हत्या कर दी गई थी।
अल्पसंख्यक आयोग की एक सदस्य फरीदा अब्दुल्ला खान ने कहा कि इस तरह से बहुत से लोगों का एक साथ कहीं से आ जाना और किसी पर हमला कर देना, ये किसी दुर्घटना के तहत संभव नहीं है। इसके पीछे कुछ योजना भी बनाई गई थी।
इस बात से हैरान हुईं फरीदा
फरीदा के अनुसार जब उन पर हमला हुआ तो वे सो रहे थे और अचानक बहुत सारे लोग हमला करने के लिए इकट्ठा हो गए। उन्होंने कहा कि इतने सारे लोग पांच मिनट में इकट्ठा नहीं हुए होंगे, इसके लिए पहले से ही कोई न कोई योजना बनाई गई होगी।
उन्होंने कहा कि जब वह दादरी गईं तो वहां पर सभी स्थानीय लोग स्थिति को सामान्य करने की कोशिश करते नजर आए। यहां तक कि वहां के हिन्दू लोग भी परिवार को अपना पूरा सहयोग देते नजर आए।
वहां उनसे बहुत से हिन्दू लोगों ने कहा कि वह भी चाहते हैं कि जो भी दोषी है, वह पकड़ा जाना चाहिए और उसे सजा मिलनी चाहिए। इस बात ने भी फरीदा को काफी हैरान किया।