दलित महिला की झोपड़ी फूंककर दबंगों ने बना डाला रास्ता
यूपी के विलासपुर कोतवाली क्षेत्र के अलीनगर कोटा गांव में कुछ लोगों ने दलित की झोपड़ी को फूंक कर रास्ता निकाल लिया। जेसीबी के जरिए आंगनबाड़ी केंद्र को भी ढहाने की कोशिश की गई। विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकाया गया। ग्रामीणों के बढ़ते विरोध को देखते हुए झोपड़ी फूंकने वाले भाग गए। ग्रामीणों ने एसडीएम के पास पहुंचकर शिकायत की है। एसडीएम ने इस संबंध में पुलिस और तहसीलदार को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
कोतवाली के ग्राम कोटा अलीनगर स्थित दलित बस्ती के तमाम लोग बुधवार को एसडीएम विनय सिंह से मिले। उन्होंने बताया कि बुधवार की सुबह कुछ लोग अपने खेत को जोत रहे थे। खेत जोतने के साथ ही इन लोगों ने जेसीबी से खाली जगह के पास रास्ते को जोतना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि खेत जोतने वालों ने दलित महिला दर्शना देवी की झोपड़ी में आग लगा दी। विरोध किया तो धमकाया भी। आरोप है कि इस बीच कुछ लोगों ने जेसीबी के जरिये आंगनबाड़ी केंद्र को भी गिराने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने इसका जोरदार विरोध किया। बताया कि विरोध बढ़ने पर आरोपी जेसीबी समेत भाग गए।
ग्रामीणों का कहना था कि कुछ वर्ष पूर्व तहसील प्रशासन ने रुलदू सिंह को गांव के बाहर करीब पौन एकड़ जमीन पट्टे पर दी थी। रुलदू सिंह ने उक्त जमीन को कुछ वर्ष बाद गांव निवासी एक ग्रामीण को 20 हजार रुपये में बेच दी। बताया जाता है कि जमीन काफी समय से खाली पड़ी थी।
एसडीएम ने दिए कार्रवाई के आदेश
ग्रामीणों की शिकायतों पर एसडीएम ने इस पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के आदेश किए हैं। एसडीएम से शिकायत करने वालों में जमुना प्रसाद, सत्यपाल, नेमचंद्र, बाबूराम, सुंदर लाल, रामआसरे, राम भरोसे, सुरेंद्र पाल, महेश, छोटे लाल आदि थे।
एसडीएम बिलासपुर विनय कुमार ने बताया कि कोटा अलीनगर के लोगों ने ज्ञापन देकर शिकायत की है। इसकी जांच के निर्देश तहसीलदार और कोतवाल को दिए हैं। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
तहरीर आने पर दर्ज होगी रिपोर्ट
कोतवाल उमेश कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली में कोई भी तहरीर लेकर नहीं आया है। एसडीएम के आदेश पर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने व पीड़ितों की तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने उनकी एक न सुनी
अलीनगर कोटा के ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह का कहना है कि कुछ लोगों ने 63 मीटर लंबे खडं़जे को काटकर सरकारी नुकसान किया है। उन्होंने दलित बस्ती में हुई वारदात की सूचना फोन से पुलिस व लेखपाल को दे दी थी मगर शाम तक कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा है।