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संयोग या सियासतः वाजपेयी के रास्ते मोदी

Sun, 15 Sep 2013 10:46 AM IST
अमर उजाला, रेवाड़ी
अमर उजाला, रेवाड़ी Updated Sun, 15 Sep 2013 10:46 AM IST
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atal vajpayi vs narendra modi

हरियाणा का रेवाड़ी जिला भाजपा के लिए इतिहास दोहराने जा रहा है। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी रविवार को पूर्व सैनिकों के लिए आयोजित की जा रही रैली को संबोधित करने रेवाड़ी पहुंचेंगे।

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यह संयोग ही है 14 साल पहले 1999 में भाजपा ने प्रधानमंत्री पद के लिए अटल बिहारी वाजपेयी को उम्मीदवार घोषित किया था, तो उन्होंने भी अपनी पहली रैली रेवाड़ी में ही संबोधित की थी।
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खास बात यह भी है कि 1999 की वह रैली भी पूर्व सैनिकों द्वारा आयोजित की गई थी। उस रैली के बाद अक्तूबर 1999 में वाजपेयी जब प्रधानमंत्री बने तो 13 दिन या 13 महीने नहीं बल्कि उन्होंने पूरे कार्यकाल सरकार चलाई थी।
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अब मोदी भी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित होने के बाद अपनी पहली रैली रेवाड़ी में संबोधित कर रहे हैं और यह रैली भी पूर्व सैनिकों के लिए आयोजित की जा रही है। यानी मोदी भी दिल्ली का सफर वाजपेयी के रास्ते ही तय करने निकल पड़े हैं।


अगस्त 1999 में रेवाड़ी के किशनलाल पब्लिक कॉलेज के मैदान में हुई वाजपेयी की रैली में कारगिल मुद्दा जोरशोर से उठाया गया था।

उस रैली में कारगिल के प्रथम शहीद कमांडेंट सुखबीर सिंह की वीरांगना सुधा यादव को भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया था।

अब 15 सितंबर को ‘मिशन-2014’ के लिए होने वाली रैली भी पूर्व सैनिकों पर केंद्रित है।  

सुधा यादव की भी बढ़ी उम्मीदें
रेवाड़ी में 14 साल बाद पूर्व सैनिकों के नाम पर आयोजित की जा रही रैली में इस बार भी राष्ट्रीय नेत्री सुधा यादव अहम भूमिका में हैं।

14 साल पहले उन्होंने शहीद की वीरांगना के नाते इस सैनिक बहुल क्षेत्र में चुनावी वैतरणी पार की थी और इस बार भी स्वयं को संभावित प्रत्याशी के रूप में प्रस्तुत कर चुनावी जंग जीतना चाहती हैं।

स्थानीय भाजपा नेता और पार्टी की प्रदेश इकाई इस रैली को सफल बनाने में जुटे हैं।

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