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अटल जी की डायरी में ‘अमर उजाला’ को खास जगह

Sat, 20 Oct 2012 08:38 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 20 Oct 2012 08:38 PM IST
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Atal Bihari Vajpayee diary Amar Ujala special place

भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विशिष्ट चित्रों वाली ‘अटल डायरी’ जारी की है। ‘समग्र अटल’ योजना के तहत जारी यह डायरी वर्ष 2013 के लिए हैं और इसमें शामिल उनके जीवन के खास चित्रों में एक जगह वाजपेयी ‘अमर उजाला’ पढ़ते दिख रहे हैं।

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डायरी की परिकल्पना से जुड़े भाजपा नेता विनय सहस्त्रबुद्धे ने ‘अमर उजाला’ से कहा कि वाजपेयीजी खुद पत्रकार रहे हैं और ‘अमर उजाला’ पढ़ते हुए उनकी यह फोटो बहुत अच्छी थी, इसलिए उसे डायरी में शामिल किया गया। डायरी में समाचार पत्र पढ़ते हुए वाजपेयी का यह अकेला चित्र है। इस ब्लैक एंड ह्वाइट फोटों में वाजपेयी बनियान पहने हुए ‘अमर उजाला’ पढ़ रहे हैं।
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भारतीय जनसंघ की 61वीं वर्षगांठ की पूर्वसंध्या पर पार्टी मुख्यालय में शनिवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने यह डायरी जारी की और पहली प्रति पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भेंट की। ‘अटल डायरी’ योजना कड़ी में यह दूसरी डायरी है।
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इससे पहले पिछले साल पहली डायरी लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को भेंट की गई थी। लगभग 400 पेज की इस दैनिक नंदनी में शामिल चित्र अटल जी के जीवन के कई पहलुओं को सामने रखते हैं। इसमें जनसंघ से लेकर भाजपा के गठन तक की यात्रा यानी 1951 से लेकर 1980 तक के चित्र शामिल किए गए हैं।

कुछ चित्रों में वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते हुए अथवा उनके साथ भोजन करते हुए दिखाई देते हैं। विदेशी प्रतिनिधियों के साथ भी कई फोटो इसमें हैं।

‘समग्र अटल’ की योजना
भाजपा ‘समग्र अटल’ योजना के तहत पूर्व प्रधानमंत्री के भाषणों, चित्रों, लेखों आदि को पुस्तकों व डिजिटल माध्यम से संकलित करने में जुटी है। वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को एक पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। इसमें ये सभी सामग्री शामिल रहेगी। सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि अटलजी का बहुआयामी व्यक्तित्व रहा है। एक राजनीति दल को शून्य से शिखर तक ले जाने की यात्रा के वे गवाह रहे हैं। नई पीढ़ी को यह सब मालूम नहीं है। इसलिए पोर्टल, पुस्तक से लेकर डायरी के माध्यम से भाजपा यह जानकारी आम लोगों को पहुंचाने की कोशिश में जुटी है।


आएगा किफायती संस्करण
अटल डायरी के दाम पांच सौ रुपये रखे गए हैं, जो आम लोगों को काफी लगे। इस पर सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि यह संग्रहणीय संकलन है, लेकिन आम लोगों के लिए भी डायरी का किफायती संस्करण लाया जाएगा।

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