इधर बहन बेबस उधर वाजपेयी, नहीं दे पाईं भाई को बधाई
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कभी जिस भाई के पास की खबर सुनकर ही बधाई देने के लिए दौड़ पड़ती थीं, आज जब उन्हें ‘भारत रत्न’ मिला तो वह फोन पर भी बधाई नहीं दे सकीं। उम्र के आगे इधर बहन बेबस और उधर भाई। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को जब राष्ट्रपति ने भारत रत्न से सम्मानित किया तो उनकी छोटी बहन कमला दीक्षित टीवी के सामने बैठकर बस एकटक देखती रहीं।
बहुत कुछ कहना और सुनना चाहती थीं, लेकिन न तो अटल अब ज्यादा बोलने की स्थिति में हैं और न ही कमला दीक्षित। ऐसे में भाई-बहन के जज्बात फोटो को सीने से लगाकर बधाई देने तक ही सिमटकर रह गए।
शुक्रवार को दिल्ली में अटल बिहारी बाजपेयी को जब राष्ट्रपति ने उनके घर पहुंचकर ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया तब उनकी छोटी बहन प्रतापनगर निवासी कमला दीक्षित अपने परिवार के साथ टीवी पर उन्हें देख रहीं थीं। ऐसे लम्हों में जब भाई की तस्वीर धुंधली सी दिखाई देने लगी तो एक पुरानी तस्वीर उठाकर उन्हें इस सम्मान को पाने पर बधाई दी। बता दें कि पिछले महीने ही कमला दीक्षित के पति नंदलाल दीक्षित का निधन हुआ था।
उनकी पुत्रवधु निर्मला दीक्षित का कहना है कि मामा जी (अटल बिहारी) को काजू की बर्फी बहुत पसंद है। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार जल्द ही उन्हें बधाई देने के लिए दिल्ली जाएगा। बकौल निर्मला दीक्षित, अटल जी को भारत रत्न काफी पहले मिल जाना चाहिए था। देर शाम तक कमला दीक्षित के यहां भी बधाई देने के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहा।
महामना के सभी परिजन लेंगे ‘भारत रत्न’
महामना मदनमोहन मालवीय को भारतरत्न देने की घोषणा के बाद भले ही उनके परिजनों की ओर से अलग-अलग दावे पेश किए गए थे लेकिन अब राष्ट्रपति भवन से न्योते के बाद वे सभी दावेदार ‘भारत रत्न’ लेने पहुंचेंगे। महामना के सबसे बड़े बेटे पंडित रमाकांत मालवीय के बड़े बेटे पंडित श्रीधर मालवीय की पत्नी 92 वर्षीया सरस्वती मालवीय अपने बेटे प्रदीप मालवीय के साथ शुक्रवार को फ्लाइट से नई दिल्ली के लिए रवाना हुईं। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में छोटी बेटी रंजना मालवीय ने बताया कि जहां प्रदीप मालवीय मुंबई से इलाहाबाद आए थे, वहीं दिल्ली में ही कार्यरत दूसरे भाई राजीव मालवीय वहीं से कार्यक्रम में शरीक होंगे।
वहीं दिल्ली में ही मौजूद महामना के पौत्र न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय ने कहा, शुक्रवार को मुझे इलाहाबाद के लिए रवाना होना था लेकिन समारोह में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति भवन से न्योते के बाद मैं दिल्ली ही रुक गया। मेरी जानकारी के मुताबिक पंडित श्रीधर मालवीय के दूसरे बेटे पंडित प्रेमधर मालवीय और लखनऊ में रह रहीं बड़ी बहन 95 वर्षीया हेम शर्मा भी समारोह में शामिल होंगी।
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी को भी समारोह में आमंत्रित किया गया है, ऐसे में समारोह के बाद परिजनों की ओर से उन्हें वहीं पर ‘भारत रत्न’ सौंप दिया जाएगा ताकि उसे वहां संग्रहालय में रखा जा सके।
बता दें, महामना को ‘भारत रत्न’ देने की घोषणा के बाद उसे स्वीकार करने के लिए परिजनों ने अपने-अपने तर्क और दावे पेश किए थे। महामना के सबसे बड़े बेटे की पुत्रवधू सरस्वती मालवीय की ओर से राष्ट्रपति को भेजे पत्र के साथ परिवार की वंशावली भी ‘अटैच’ करते हुए परिचय दिया गया था।