'अटल बिहारी वाजपेयी थे देश के सबसे कमजोर प्रधानमंत्री'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुछ ही दिन पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ कर नरेंद्र मोदी की आलोचना करने वाली कांग्रेस ने अब अपने सुर बदल लिए हैं। कांग्रेस ने वाजपेयी को देश का सबसे कमजोर प्रधानमंत्री बताया है। जबकि कुछ ही दिन पहले मोदी को राजधर्म का पालन करने की हिदायत दिए जाने के लिए पार्टी वाजपेयी की प्रशंसा कर रही थी।
वाजपेयी की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने तर्क दिया है कि वे पाकिस्तान मामले में भारत की सीमा और देश के हितों की रक्षा करने में नाकाम रहे थे।
कांग्रेस के इस बयान को लेकर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि वाजपेयी के शासनकाल में देश की सीमाएं पूरी तरह से सुरक्षित रहीं। यह उनके सख्त शासक होने का ही प्रमाण है कि चीन ने एनडीए के शासनकाल मे कभी भी सीमा विवाद का मुद्दा नहीं उठाया।
'नरेंद्र मोदी के आगे घुटने टेक दिए'
कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने आरोप लगाया है कि वाजपेयी नरेंद्र मोदी को साधने में नाकाम रहे, जिन्हें वह 2002 मे गुजरात दंगों के बाद मुख्यमंत्री पद से हटाना चाहते थे। मगर वाजपेयी ऐसा नहीं कर सके और उन्होंने नरेंद्र मोदी के आगे घुटने टेक दिए। यही नहीं विदेशी नीति के मामले मे भी वाजपेयी कमजोर प्रधानमंत्री साबित हुए।
संजय ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने में एनडीए सरकार पूरी तरह से नाकाम रही। कारगिल युद्ध, मुशर्रफ का भारत दौरा और कंधार के साथ ही संसद पर हमले जैसी घटनाएं वाजपेयी के शासनकाल मे हुईं हैं।
वाजपेयी न सिर्फ बाहरी बल्कि आंतरिक सुरक्षा के मामले भी नाकाम रहे। इसलिए उन्हें अब तक का सबसे कमजोर प्रधानमंत्री कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। सत्ता के दो केंद्र को लेकर भाजपा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधती रही है और उन्हें देश का सबसे कमजोर प्रधानमंत्री बताती रही है।