खुशखबरी, अब किसी भी उम्र में कर सकते हैं वकालत
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पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के इच्छुक लोगों के लिए यह बड़ी खबर है। अभ्यर्थी अब जिस उम्र में चाहे इस पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकते हैं। हाईकोर्ट ने संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा (क्लैट) में शामिल होने केलिए 20 वर्ष की आयु का प्रतिबंध अवैध करार देते हुए रद कर दिया है।
परीक्षा का आयोजन करने वाले डॉ. राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय के कुलपति को निर्देश दिया है कि पाठ्यक्रम के लिए सभी आयुवर्ग के लोगों का आवेदन स्वीकार करें। आयु सीमा प्रतिबंध के खिलाफ छात्र कान्हा और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
उनकी अधिवक्ता सुष्मिता मुखर्जी ने कहा कि बार कौंसिल ऑफ इंडिया को विधि शिक्षा के मानक तय करने का अधिकार है। कौंसिल ने 2008 में नए नियम बनाए जिसमें आयु सीमा का प्रतिबंध था।
पहले 20 वर्ष की आयु तक ही करने की थी अनुमति
इसके खिलाफ याचिका दाखिल की गई और बार कौंसिल ने आयु संबंधी बाध्यता का नियम समाप्त कर दिया। इसके बाद बावजूद पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम में इस नियम को जारी रखा गया। परीक्षा आयोजित कर रही संस्था डॉ. राममनोहर लोहिया विश्वविद्यालय आवेदन पत्र ऑनलाइन स्वीकार कर रही है।
इसमें जिन अभ्यर्थियों की आयु 20 वर्ष से अधिक है उनके आवेदन स्वत: रद हो जा रहे हैं। कोर्ट ने विश्वविद्यालय द्वारा अधिकतम आयु सीमा तय करना असंवैधानिक करार देते हुए इसे रद कर दिया। विश्वविद्यालय को अपनी वेबसाइट में संशोधन कर सभी अर्ह अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकार करने का निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय द्वारा देश भर के 16 राष्ट्रीय विधि कालेजों में पांच वर्षीय विधि कोर्स कराने के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा रही है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च है। प्रवेश परीक्षा 10 मई 2015 को होगी।